सतना

मागें पूरी न होने पर सड़क पर उतरे छात्र

9वें दिन भी जारी रहा छात्रों का अनशन, सेमरिया चौराहे पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
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Updated: 22 Mar 2018, 8:37 PM IST
Students on the road when demands are not fulfilled
Students on the road when demands are not fulfilled

सतना। डिग्री कॉलेज के सामने शिक्षा व्यवस्था एवं छात्रों से संबंधित शहर की व्यवस्था को लेकर चल रहा आमरण अनशन लगातार बुधवार को ९वें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे छात्रों द्वारा लगातार प्रतिदिन नए-नए तरीकों से महाविद्यालय प्रबंधन एवं जिला प्रशासन को अपनी मांगों को मनवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इसके तहत बुधवार को मांगों को लेकर सैकड़ों छात्रों ने सेमरिया चौराहे पर चक्काजाम कर घंटों प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं प्रदर्शन के कारण लंबा जाम लग गया। जाम की सूचना मिलते ही कोलगवां पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन छात्र उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा छात्रों से मिलने एवं उनकी समस्याओं को सुनने के लिए एडीएम बलबीर रमण को भेजा गया। जिन्होंने छात्रों को उनकी मांगों को आगे तक पहुंचाने का आश्वासन देकर अनशन को समाप्त करवाया।

जब तक मुख्यमंत्री नहीं मिलेंगे अनशन समाप्त नहीं होगा
अनशन का नेतृत्व कर रहे रोहित सिंह ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर हमारी मांगें सुन नहीं लेते अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा। धीरे-धीरे शहर के सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं हमारे साथ शामिल होंगे। इसके लिए सभी कॉलेजों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को शासकीय कन्या महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

ये रहे मौजूद

अनशन में सागर सिंह, प्रशांत तिवारी, अमरजीत सिंह, उदेश पाण्डेय, सत्यम गर्ग, सौरभ सिंह, युवराज सिंह , बालकृष्ण मिश्रा, शाहिद कुरैशी, सूर्य प्रकाश गुप्ता, नितिन सिंह, राहुल कटिया, विभव सिंह, अजीत पाण्डेय, लखन सिंह, अंकित सिंह, अजय सिंह, आलोक पयासी, अरमान तिवारी, सोनाली सिंह, शगुन सिंह, अंजली सिंह, रश्मि तिवारी, सुश्मिता तिवारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

शैक्षणिक कार्य में पड़ रही बाधा
डिग्री कॉलेज में बीते कुछ दिनों से छात्रों के अनशन के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। एनएसयूआई के जिला महासचिव गौरव सिंह परिहार ने बताया कि अगले महीने स्नातक प्रथम वर्ष के नियमित छात्रों की वार्षिक परीक्षा होने वाली है, लेकिन कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा नेतागीरी के लिए महाविद्यालय के अन्य छात्रों का भविष्य खराब किया जा रहा है, क्योंकि ये छात्र महाविद्यालय की समस्याओं को छोड़कर शहर की समस्या को लेकर महाविद्यालय परिसर में क्रमिक अनशन करते हुए अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। शहर की समस्या को लेकर बार-बार कॉलेज को बंद करना और छात्रों की पढ़ाई में बाधा डालना, छात्रों को कॉलेज में आने से रोकना, सड़क पर चक्काजाम करना कानून के दायरे में आता है। जिस पर प्रशासन द्वारा यथाशीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो हम गांधीवादी तरीके से विरोध करेंगे।

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