शिक्षकों की शैक्षिक गुणवत्ता समीक्षा बैठक में बोले डॉ भार्गव
सतना. कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव की अध्यक्षता में जिले के पांच विकासखंडों की स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। परीक्षा के ठीक पहले आयोजित समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने शिक्षकों को बेहतर परिणामों के लिए न केवल प्रेरित किया बल्कि यह भी समझाइश दी कि खुद को कार्रवाई से बचाने के लिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न करें। इस अवसर पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिपं सीईओ ऋजु बाफना मौजूद रहीं।
सीख देने से पहले स्वयं का आचरण सुधारें
कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षा के संदर्भ में आयोजित बैठक में सोहावल, रामपुर बाघेलान, रामनगर, अमरपाटन एवं मझगवां सहित पांच विकासखंडों के शिक्षकों ने सहभागिता निभाई। कमिश्नर डॉ भार्गव ने शिक्षा की गुणात्मक स्थिति में सुधार के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नई ऊर्जा, नई चेतना एवं जागृति से यदि हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो हमें सफलता जरूर मिलेगी। विद्याॢथयों के भविष्य को शिक्षा द्वारा ही संवारा जा सकता है। शिक्षा से बुद्धि का विकास होता है जिसमें आत्मा की शुद्धता एवं विचारों की पवित्रता समाहित होती है। भारतीय परंपरा में ज्ञान को तृतीय नेत्र की संज्ञा दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सबसे पावन और महत्वपूर्ण जबाबदेही होती है। बच्चे हमारे राष्ट्र की असली दौलत और परमहंस मुस्कान हैं। राष्ट्र के लिए उन्हें उपयोगी बनाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने चाहए। शिक्षक समस्या पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि समस्याएं हर जगह होती हैं, लेकिन उनसे घबराकर अपने दायित्व से विमुख नहीं होना चाहिए। बड़ी कठिनाइयों के बाद हमारे सामने अवसर आता है। हर शिक्षक को अपने विद्यार्थी को ज्ञान देने का मौका मिला है। इसका उन्हें जिम्मेदारीपूर्वक बखूबी निर्वहन करना चाहिए। शिक्षकों की लापरवाह शैली पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को समय की महत्ता और अनुशासन का पाठ तभी पढ़ाया जा सकता है जब हम स्वयं उनके लिए आचरण बनें।
शिक्षा मेरी प्राथमिकता होगी: कलेक्टर
नवागत कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा कि मेरे सेवाकाल का ऐसा पहला अवसर है जब संभाग के कमिश्नर शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए स्वयं इतने नीचे तक जाकर शिक्षकों से संवाद स्थापित कर रहे हैं। मेरी कोशिश होगी कि जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में बेहतर सुधार हो। उन्होंने जिले में ज्यादा शिक्षकों वाली विद्यालयों के परिणाम कमजोर होने का मामला संज्ञान में होने की बात कहते हुए इशारों ही इशारों में युक्तियुक्तकरण की दिशा में काम करने के संकेत भी दिए।
7 बिन्दु से होगा शैक्षणिक सुधार
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण अंजनी कुमार त्रिपाठी ने कहा कि रीवा संभाग में खराब परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए कमिश्नर रीवा संभाग डॉ भार्गव के निर्देशन में कार्य किया जा रहा। सात बिंदुओं को शामिल करते हुए एक कार्यक्रम बनाया गया है। इसका पालन कराने की कोशिश लगातार की जा रही है। इससे शैक्षणिक सुधार होना तय है। इस अवसर पर डीईओ टीपी सिंह ने बोर्ड पैटर्न पर होने जा रही पांचवीं आठवीं परीक्षा की तैयारियों का ब्यौरा दिया। डाइट प्राचार्य नीरव दीक्षित ने आभार व्यक्त किया।