स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ लेखापाल ने दिया वारदात को अंजामरेत के अवैध कारोबार में शामिल है लेखापालडीजल के अवैध कारोबार में जा चुका हवालात, कई बार हो चुका है निलंबित
सतना. रेत के अवैध परिवहन में पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ लेखापाल एवं रेत कारोबारी ने तहसीलदार उचेहरा और नाजिर पर हमला कर दिया। जब अन्य कर्मचारी पहुंचे तो मौके से गाली-गलौज करते हुए भाग खड़ा हुआ। उचेहरा पुलिस ने शिकायत के बाद आरोपी सुदीप तपसी को पकड़ कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया गया कि शासकीय सेवक तपसी पहले भी डीजल के अवैध कारोबार में जेल जा चुका है। उसे कई बार निलंबित भी किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार उचेहरा अजय राज सिंह को पथरहटा में अवैध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इस पर वे मौके पर गए, वहां से लौटते वक्त रेलवे फाटक के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 19एसी 0161 को रेत का परिवहन करते देखा। उसे रोक कर चालक से दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी संबंधित अभिलेख नहीं दिखा सका। पूछने पर बताया कि यह वाहन करही कला उमावि के लेखापाल सुदीप तपसी का है। तहसीलदार ने चालक को ट्रैक्टर-ट्राली थाने में ले जाकर खड़ा करने के निर्देश दिए। इस पर चालक वाहन लेकर आगे बढऩे लगा और अपने मालिक तपसी को भी इसकी सूचना दे दी। चालक काफी धीमी गति से ट्रैक्टर चलाते हुए आगे बढ़ने लगा। उचेहरा के लगभग दो किलोमीटर तक वाहन पहुंचा था, तभी वाहन मालिक सुदीप तपसी पहुंच गया। उसने ट्रैक्टर रोक कर चाबी निकाल ली, साथ ही हथौड़ा लेकर ट्राली का पल्ला खोल कर रेत गिराने की कोशिश करने लगा। यह देख तहसीलदार ने उसे रोका और साथ में मौजूद नाजिर प्रह्लाद कुमार वर्मा भी दौड़ कर उसके पास पहुंचे और उसे ऐसा करने से मना किया।
नाजिर पर हथौड़े से हमला
जैसे ही नाजिर ने ट्रॉली का पल्ला खोलने से रोकने की कोशिश की वैसे ही तपसी ने उसी हथौड़े से नाजिर पर हमला बोल दिया। हथौड़े से जानलेवा हमला किया, लेकिन नाजिर ने बचाव किया तो वह हथौड़ा उसकी पीठ पर लगा। इसके बाद भी तपसी नहीं रुका और नाजिर के बाए हाथ, दाहिने हाथ, दाहिने हाथ की अंगुली में हथौड़े से वार किया। तब तक तहसीलदार उचेहरा अजय राज सिंह और नायब तहसीलदार शैलेन्द्र बिहारी शर्मा भी बचाव के लिए दौड़े। इस पर उन्हें भी गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी दी। तहसीलदार से भी झूमाझटकी की। तब तक अन्य कर्मचारी भी पहुंच गए जिस पर तपसी गाली देते हुए मौके से भाग खड़ा हुआ। मारपीट में नाजिर के कपड़े भी फट गए।
थाने में खड़ा कराया वाहन
आरोपी तपसी के भागने के बाद किसी तरह ट्रैक्टर को सेल्फ स्टार्ट कर उचेहरा थाने लाया गया। वहां उसे पुलिस के सुपुर्द किया गया है। मामले में आरोपी लेखापाल सुदीप तपसी के विरुद्ध थाने में नाजिर की ओर से प्रकरण दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने पकड़ कर न्यायालय में किया पेश
उधर, थाना पुलिस ने बताया कि नाजिर प्रह्लाद कुमार वर्मा पिता दीनानाथ वर्मा की रिपोर्ट पर आरोपी सुदीप तपसी पिता हरिश्चंद्र तपसी (50) के विरुद्ध धारा 353, 186, 294, 323, 506 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी सुदीप करहीकला उमावि में लेखापाल के पद पर पदस्थ है। अपराधी किस्म का बताया गया है और विभाग ने कई बार इसे निलंबित किया है। पूर्व में डीजल के अवैध कारोबार में भी पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा बताया गया है कि रेत, पटिया पत्थर और शराब के अवैध कारोबार में भी लिप्त है।
" ट्रैक्टर ट्राली पकड़ कर लाते वक्त करहीकला स्कूल का लेखापाल उसे छुड़ाने के लिए नाजिर पर हमला कर दिया। मेरे सहित अन्य स्टाफ के साथ भी अभद्रता की। पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी है।"
- अजयराज सिंह, तहसीलदार उचेहरा