वाहन चेकिंग में नशे में मिला था बाइक चालक, सिटी कोतवाली पुलिस ने किया था कोर्ट चालान
सतना. वाहन चेकिंग कर रही पुलिस ने रोका तो बाइक सवार धौंस बताने लगा। पुलिस अफसर के सामने जब उसने ऊंची आवाज में बात की तो मातहतों को सहन न हुआ। काफी हुज्जत के बाद पुलिस अपने पर आई तो बाइक चालक पर गुस्सा उतार दिया। एक ही बार में उसके खिलाफ इतनी धाराओं के तहत प्रकरण बना दिया कि धारा पढऩे में भी वक्त लग जाए। अपनी तरह का यह पहला मामला सामने आया है जब मोटर साइकिल चालक को पुलिस से उलझना मंहगा पड़ गया। कोर्ट चालान होने के बाद बाइक सवार को 78 सौ रुपए जुर्माना चुकाने के बाद राहत मिली। जुर्माना अदा करने के बाद ही उसकी जब्त मोटर साइकिल थाने से छोड़ी गई।
यह है मामला
22 नबंवर को सिटी कोतवाली के पास उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे अपने सहयोगी स्टॉफ की मदद से वाहनों की जांच कर रहे थे। शाम का वक्त था और अंधेरा हो चुका था। इसी बीच मोटर साइकिल एमपी 19 एमएफ 1726 से जा रहे युवक को जांच के लिए रोक लिया गया। पुलिस का हाथ देखते ही बाइक चालक रौब झाडऩे लगा और जांच कार्रवाई की तस्वीरें मोबाइल पर खींचते हुए पुलिस पर हावी होने की कोशिश करता रहा। तभी पुलिस से उसकी कहा सुनी हुई तो पुलिस ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए बाइक सवार युवक का कोर्ट चालान कर दिया।
पहले 24 हजार का जुर्माना
सिटी कोतवाली पुलिस से जानकारी मिली है कि मोटर साइकिल एमपी 19 एमएफ 1726 के चालक अनिल दाहिया पुत्र राम सजीवन दाहिया (22) निवासी रेलवे कॉलोनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185, 129/177, 112/183, 130/177, 132/177, 51/177, 102/177, 5/180, 146/196 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने, शराब के नशे में वाहन चालन समेेत उन सभी तरह की धाराओं का प्रयोग कर लिया जो समझ में आ सकीं। मामले कका प्र्रकरण् कोर्ट में पेश करनेे पर ट्रॉयल के दौरान 24 हजार रुपए का जुर्माना किया गया। जब प्रकरण सीजेएम के पास पहुंचा तो वहां से सुनवाई के बाद 7800 रुपए जुर्माना तय हुआ।
पुलिस ने चौंका दिया
एक बाइक सवार युवक पर इस तरह की कार्रवाई पहली दफा सतना में सामने आई है। चालान काटकर कोरम पूरा कर रही पुलिस अगर सही तरीके से वाहन चालकों पर कार्रवाई करने लगे तो व्यवस्था में सुधार आना तय है। सिटी कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई के बाद वह वाहन चालक तो सुधर ही जाएगा जिसे इतना जुर्माना भरना पड़ा। इसके साथ ही असर कुछ और लोगों पर होगा। पुलिस के सामने यह समस्या अक्सर आती है कि अपनी पहुंच नेता और अफसरों से बताकर कुछ लोग जुर्माना देने से बचने केे बाद भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आते।