सतना

Breaking: 5 किमी. धरती के अंदर बनी सुरंग में समाए कई ग्रामीण

धारकुंडी थाना क्षेत्र के बिजहरी- बरौं खदान का मामला

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Oct 31, 2018
three people died due to clay mudslide in satna madhya pradesh
three people died due to clay mudslide in satna madhya pradesh

सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में बुधवार की सुबह एक भीषण हादसा हो गया है। बताया गया कि धारकुंडी थाना क्षेत्र के बिजहरी- बरौं गांव से लगी खदान में घर की पुताई के लिए छुही लेने कुछ ग्रामीण गए हुए थे। जहां अचानक से खदान धस गई और तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई है। मृतकों में सभी चौधरी परिवार के सदस्य है। जो बरौं गांव के निवासी है। फिलहाल सूचना के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई है। लेकिन 600 से 700 फिट की ऊंचाई वाली पहाड़ी में खड़े होने का स्थान नहीं है। इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन करने में परेशानी हो रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर थाना पुलिस ने शवों को निकालने के लिए मार्गदर्शन मांगा है। कोई विकल्प अभी कुछ खास नहीं मिला है। बरौं गांव में एक साथ तीन लोगों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है। सूत्रों की मानें तो रेस्क्यू के बाद पता चलेगा कि शव कितने लोगों के निकल रहे है। कई ग्रामीण और लोगों के दबे होने की आशंका जाहिर कर रहे है।

रेस्क्यू दल घुसा सुरंग के अंदर
मौके पर मौजूद पत्रिका प्रतिनिधि ने बताया कि 12 सदस्यीय दल रेस्क्यू के लिए धरती के अंदर बनी 5 किमी. की सुरंग में घुस गए है। हालांकि हादसा स्थल 300 मीटर की दूरी पर है। जिसमे धारकुंडी थाना पुलिस के दो जवान और 10 ग्रामीण शामिल है। सुरंग के अंदर पूरी तरह बैठकर खिसकते हुए जाना पड़ रहा है। अपने बचाव के लिए आक्सीजन की कमी न पड़े इसलिए बाल्टी में पानी और टार्च की व्यवस्था पुलिस ने कराई है। रेस्क्यू टीम में जिला प्रशासन, वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग शामिल है। घटनास्थल मझगवां तहसील क्षेत्र का है फिर भी राजस्व विभाग की ओर से बिरसिंहपुर के तहसीलदार मौके पर डटे हुए है।

ये है मामला
धारकुंडी थाना प्रभारी राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच तीन ग्रामीण बिजहरी- बरौं गांव से लगी खदान में छुही लेने गए हुए थे। लेकिन अचानक से खदान धसने के कारण तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई है। मृतकों में बरौं गांव के चौधरी परिवार के तीन सदस्य शामिल है। रेस्क्यू कार्य चालू कर दिया गया है। लेकिन खदान के कितने अंदर शव है। यह जानकारी नहीं मिल पा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर रेस्क्यू टीम की मांग की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि ३५ वर्ष पहले रामचन्द्र बंसल को यह खदान लीज पर आवंटित की गई थी। लीज की समय सीमा खत्म होने के बाद नियमों का पालन नहीं किया गया और आज बड़े हादसे का रूप ले लिया है।

मृतकों में ये शामिल
बिरसिंहपुर तदसीलदार मनीष पाण्डेय की मानें तो ग्रामीणों के बताए अनुसार श्यामलाल साकेत 50, जयकारण साकेत 47, रोहित साकेत 28 सभी निवासी बरौं खदान में दबें हुए है। लेकिन अभी तक किसी के शव बरामद नहीं हुए है। खदान से बचकर निकले राजकुमार साकेत 45, लक्ष्मी साकेत 61 ने मरने की पुष्टि की है। आधिकारिक तौर पर अभी पुष्टि नहीं की गई है। शव बरामद होने के बाद जिला प्रशासन मृतकों के नाम सार्वजनिक करेगा। मौके पर धारकुंडी और सभापुर थाने की पुलिस डटी हुई है। 400 के लगभग ग्रामीण एकत्र हो गए है।

Published on:
31 Oct 2018 02:03 pm