सतना

मुंबई भागने से पहले टीपू सुल्तान MP में गिरफ्तार, ये छोटी गलती पढ़ गई भारी

मुंबई भागने से पहले टीपू सुल्तान MP में गिरफ्तार, ये छोटी गलती पढ़ गई भारी

2 min read
Apr 13, 2018
tipu sultan arrested in mp

सतना। सर...सर...! एक बार मेरा गाना सुन लीजिए प्लीज...! मैं इतना धांसू गाता हूं और गाना लिखता हूं कि आप सुनकर झूम उठेंगे...! बॉडीगार्ड फिल्म का तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी गाना सुन आप मेरे फैन बन जाएंगे। बुधवार की सुबह करीब 7 बजे रीवा-जबलपुर इंटरसिटी के सतना स्टेशन पहुंचने पर गस्त कर रहे आरपीएफ के एएसआइ सुनील सिंह बघेल व हेड कांस्टेबल जेजे सिंह ने 15 वर्षीय किशोर की इस अजीब फरमाइश पर पहले ध्यान नहीं दिया। जब किशोर ने दोबारा गाना सुनने की जिद की।

वह घर से भाग कर कहीं जा रहा था

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तो एएसआइ को उसकी हालत पर कुछ संदेह हुआ। पूछने पर जब किशोर ने कुछ नहीं बताया तो उसे स्टेशन से आरपीएफ पोस्ट लाया गया। यहां आरपीएफ को यह समझने में देर नहीं लगी कि किशोर की मानसिक हालत ठीक नहीं है और वह घर से भाग कर कहीं जा रहा है।

कहा, घर वाले सपोर्ट नहीं करते

उसने जिद कर दी तो थक हारकर आरपीएफ स्टाफ को किशोर का गाना सुनना पड़ा। इसके बाद उसने अपना और पिता का नाम व पता बताया। अपना नाम मो. अंसारी उर्फ टीपू सुल्तान बताते हुए कहा कि वह चुपके से मुम्बई सिंगर बनने जा रहा था, क्योंकि उसके घर वाले सपोर्ट नहीं करते।

पता नहीं कहां खो जाता लड़का
आरपीएफ को गाना सुनाने के बाद ही टीपू सुल्तान ने अपने पिता का नाम व पता बताया। आरपीएफ सतना ने किशोर के पिता से सम्पर्क साध मामले से अवगत कराया। घर से अचानक गायब हुए लड़के की सूचना पाकर पिता मो. खलील निवासी यासीन मस्जिद कटरा रीवा अपने बड़े बेटे मो. फाजमुद्दीन के साथ भागे-भागे आरपीएफ पोस्ट पहुंचे।

आरपीएफ का धन्यवाद

बेटे को सही सलामत देखकर आरपीएफ का धन्यवाद करते हुए कहा कि यदि वह आज निकल जाता तो पता नहीं कहां खो जाता। मो. खलील ने बताया कि उनका उनका बेटा टीपू सुल्तान की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसे सिंगर बनने की धुन सवार है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से उसका इलाज रीवा में चल रहा है।

और सतना में टूट गया ख्वाब
सिंगर बनने की धुन में घर से मुम्बई के लिए निकले किशोर टीपू सुल्तान का ख्वाब सतना स्टेशन में चकनाचूर हो गया। यहां आरपीएफ के एएसआइ को गाना सुनाने की जिद के चलते वह पकड़ा गया और बाद में परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।

मानसिक हालत स्थिर नहीं

एएसआइ बघेल ने बताया कि किशोर की मानसिक हालत स्थिर नहीं है। एेसे में वह कहीं खो सकता था या फिर किसी गलत हाथ में फंस सकता था। उन्होंने बताया कि एेसे कई मामले आ चुके हैं जब घर से भागे किशोरों को आरपीएफ पोस्ट लाकर परिजन को सौंपा गया है।

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Published on:
13 Apr 2018 04:15 pm
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