निगमायुक्त ने की कार्रवाई
सतना. चुनाव कार्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसको लेकर लगातार मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें मशीनों के उपयोग संबंधी बारीकियां बताई जा रही है। ऐसे में एक मतदानकर्मी शनिवार को नशे की हालत में प्रशिक्षण लेने पहुंचा। प्रशिक्षण की मॉनीटरिंग करने पहुंचे निगमायुक्त प्रवीण सिंह को उसकी हरकत से संदेह हुआ। बात करने पर पता चला कि वह कर्मचारी नशे में है। उसे जिला अस्पताल एमएलसी के लिए भिजवाया गया। कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान आरओ पीएस त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर संस्कृति शर्मा मौजूद रहे।
अधिकारी ने पकड़ी नशे के हालत में
शासकीय प्राथमिक शाला खड़ौरी के सहायक अध्यापक चरण सिंह संकुल केन्द्र उमावि करसरा ब्लाक दल क्रमांक १८७ के हिस्सा हैं। वे प्रशिक्षण के लिये कन्या धवारी विद्यालय के कक्ष क्रमांक 4 में मतदान अधिकारी क्रमांक ३ का प्रशिक्षण लेने पहुंचे थे। प्रशिक्षण के दौरान उनकी हरकतें नशे वाली स्पष्ट नजर आ रही थीं। मॉनीटरिंग के लिये निगमायुक्त अढ़ायच कक्ष में पहुंचे। उन्होंने सहायक अध्यापक चरण सिंह की हरकतें देखी और उन्हें उसके नशे में होने का संदेह हुआ। उसके पास पहुंचे और बात की तो उनका संदेह पुख्ता हो गया। सहायक अध्यापक को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। इसके साथ ही उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
28 अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस
मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण के लिये बनाए गए तीन केन्द्रों विधानसभा क्षेत्र रैगांव का शा.कन्या उ.मा. विद्यालय धवारी, शा.उ.मा.विद्यालय व्यंकट क्रमांक-2 में विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट तथा शा.कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विधानसभा क्षेत्र सतना का निरीक्षण निगमायुक्त ने किया। इस दौरान 3592 कर्मचारी उपस्थित पाए गए एवं २८ कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। इन्हें नोटिस जारी की गई है। समय सीमा में समाधानकारक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डाक मतपत्र की सुविधा
इन प्रशिक्षण केंद्रों पर डाक मतपत्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। निर्वाचन कार्य में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी डाक मतपत्र के माध्यम से निर्वाचन भी कर सकते हैं। चुनाव ड्यूटी में तैनात प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को इस आशय का घोषणा पत्र देना होगा कि वो वर्तमान चुनाव में किसी प्रत्याशी तथा राज्य या जिला स्तर के किसी अग्रणी राजनैतिक कार्यकर्ता का नजदीकी रिश्तेदार नहीं है। आयोग के मुताबिक चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को घोषणा पत्र में यह जानकारी बिंदु क्रमांक एक में देनी होगी। घोषणा पत्र के प्रारूप के बिंदु क्रमांक-दो में उसे यह भी बताना होगा कि उसके विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण किसी भी न्यायालय में प्रचलित नहीं है।