सतना

तुम लोग गजब हो यार! 25 से स्वच्छता अभियान चल रहा, यहां पता ही नहीं

एजीएम के सूक्ष्म निरीक्षण से फूली स्थानीय अधिकारियों की सांस
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Updated: 27 May 2018, 12:34 PM IST
WCR AGM inspection in satna railway station
WCR AGM inspection in satna railway station

सतना। स्टेशन परिसर व यात्री गाडि़यों में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरुकता लाने पमरे जबलपुर 25 मई से 25 जून तक स्वच्छता अभियान चला रहा है। हैरत की बात ये है कि सतना में रेलवे के किसी भी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है। जोन के एजीएम ने कहा, अभियान के संबंध में सोशल मीडिया पर मैसेज भेजे गए थे, लेकिन यहां अभियान कहीं नजर नहीं आ रहा। एजीएम के सवाल पर स्थानीय अधिकारी असहज हो गए, अपने-अपने मोबाइल में देखने लगे। इस पर एजीएम ने व्यंग्य कसा, तुम लोग गजब हो यार, अभियान शुरू हो गया और यहां किसी को जानकारी तक नहीं है।

व्यवस्थाओं का जायजा लिया

दरअसल, अपनी टीम के साथ दो दिनी सतना के निरीक्षण में आए जोन के सहायक महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने शनिवार को स्टेशन में यात्री सुविधा व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एजीएम ने बड़ी बारीकी से जायजा लेकर अधिकारियों से पूछताछ की। जब तक एजीएम निरीक्षण करते रहे अधिकारियों की सांस फूली रही। स्टेशन पर सफाई का फीडबैक यात्रियों से एकीकृत रनिंग रूम में व ड्रायवरों से सुविधाओं का फीडबैक लिया। सतना में निरीक्षण के बाद एजीएम पन्ना चले गए।

सूंघकर देखा चादर साफ है या गंदी
एजीएम प्रदीप कुमार ने एकीकृत रनिंग रूम का करीब एक घंटे तक जायजा लिया। यहां घुसते ही डिस्प्ले बोर्ड पर रेलवे की जगह रेल्वे लिखा देखा तो प्रभारी पर भड़क उठे। बोले, कम से कम रेलवे की तो सही हिंदी लिखो। एजीएम ने खुद मार्कर लेकर सुधार किया। बोर्ड में लिखी एक-एक सुविधाओं की जानकारी ली तो पता चला कि आरओ काम नहीं कर रहा। रनिंग रूप में बिना ठेके पर रखे गए कर्मचारी देख प्रभारी को फटकार लगाते हुए बोले कि सफाई कर्मियों की सैलरी कैसे देते हो। बाद में कैंटीन व किचन में जाकर खाना खा रहे ड्राइवर व गार्ड से रनिंग रूम की सर्विस की जानकारी ली। एक-एक रूम चेक किया व चद्दर को सूंघकर देखा कि साफ है कि नहीं। रनिंग रूम के मंथली बजट को 60 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने के निर्देश दिए।

ठेका कंपनी के सुपरवाइजर की लगाई क्लास
निरीक्षण के दौरान एजीएम प्रदीप कुमार की नजर एक सफाईकर्मी पर पड़ी जो बिना जूते, ग्लब्ज व टोपी के ट्रैक से कचरा उठा रहा था। एजीएम ने सफाईकर्मी राजेश कुमार को पास बुलाकर पूछा तो पता चला कि कर्मियों को ठेका कंपनी जरूरी सामान नहीं देती। एक दिन गैर हाजिर रहने पर वेतन काट लेती है। ठेका कंपनी हर माह रेलवे से 9 लाख रुपए लेती है व 68 कर्मचारी लगा रखे हैं। एजीएम ने ठेका कंपनी के सुपरवाइजर को बुलाकर जमकर फटकार लगाई और बोले कि यदि कर्मचारी एक माह में 26 दिन उपस्थित है तो उसका वेतन नहीं काट सकते।

जून तक शुरू होगी लिफ्ट व एस्केलेटर
स्टेशन के सेकंड आरओबी से प्लेटफॉर्म का जायजा लेते हुए एजीएम कुमार ने एइडीएन राजेश पटेल, एरिया मैनेजर मृत्युंजय कुमार व स्टेशन एसएस एमएल मीना से पूछा कि यहां लिफ्ट व एस्कलेटर लगाने में देरी क्या हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि लिफ्ट का काम पूरा हो गया है और एस्केलेटर के लिए जगह भी चिह्नित हो चुकी है। उन्हें बताया गया कि जून तक दोनों शुरू हो जाएंगे।

कहां क्या देखा
- स्टेशन के राजेंद्रनगर छोर को विकसित करने में हो रही देरी पर जताई नाराजगी। जर्जर भवनों को धराशायी कर पार्किंग शिफ्ट करने के निर्देश
- तीन माह बाद होने वाले पार्किंग ठेके में कम्प्यूटरीकृत पर्ची सिस्टम लागू करने के निर्देश
- सेकंड आरओबी से पूरे सभी प्लेटफॉर्म व ट्रैक स्टेशन के ट्रैक का जायजा लिया। विस्तारीकरण की जानकारी ली और प्लेटफॉर्म 4 के निर्माण की समय सीमा पूछी
- प्लेटफॉर्म 1 में वाटर प्वाइंट के नल चालू कर ठंडा पानी चेक किया, सभी वाटर कूलर चालू रखने के निर्देश

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