अपर कलेक्टर के औचक निरीक्षण में मिली व्यापक खामियां
सतना। कर्मचारी चयन मंडल आयोग द्वारा आयोजित की जा रही संयुक्त भर्ती परीक्षा के परीक्षा केन्द्र मीरा कान्वेंट स्कूल में बड़े पैमाने पर भर्रेशाही पाई गई है। डालीबाबा वैष्णों देवी मंदिर रोड स्थित इस केन्द्र का अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने औचक निरीक्षण किया। केन्द्र में मिली भर्रेशाही पर न केवल संचालक एवं प्रबंधक को जमकर फटकार लगाई बल्कि इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अगर अगली परीक्षा तक सुधार नहीं होता है तो इस केन्द्र को खत्म करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। डालीबाबा स्थित मीरा कान्वेंट स्कूल परीक्षा केन्द्र के औचक निरीक्षण में अपर कलेक्टर ने पाया कि यह केन्द्र मुख्य मार्ग से 1500 से 1800 मीटर दूर अंदर मोहल्ले में है। केन्द्र तक पहुंचने के लिये यहां कोई पथ प्रदर्शक तक नहीं लगाए गए हैं। जिससे यहां आने वाले परीक्षार्थियों को केन्द्र ढूढ़ने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं यहां सुविधाजनक प्रवेश और निकासी की भी व्यवस्था नहीं थी।
तय मापदण्ड नहीं मिले
केन्द्र में पंजीयन कक्ष, संकलन कक्ष, प्रथम जांच कक्ष, द्वितीय जांच कक्ष, ऊपर जाने के रास्ते, पीने का पानी के कही सूचना बैनर तक नहीं लगे थे। जिससे परीक्षार्थियों को यहां परीक्षा कक्ष तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। 40 डिग्री सेल्सियस तामपान के बाद भी परीक्षा कक्ष में एसी नहीं लगे हुए थे। 100 परीक्षार्थियों वाले परीक्षा हाल में सिर्फ दो कूलर लगे थे। जिसकी वजह से कम्प्यूटर और परीक्षा के साफ्टवेयर को नुकसान की संभावना बनी हुई थी। परीक्षार्थियों और उनके साथ आए लोगों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिससे परीक्षा शुरू होने के 2 घंटे पहले और समाप्ति के 1 घंटे बाद तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
धूल जमे कम्प्यूटर और लाईट गोल
पाया गया कि परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले कम्प्यूटरों में धूल जमी हुई थी। लैब में साफ सफाई नहीं थी। उपस्थिति पत्रक पर कर्मचारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। उत्तर दायी कर्मचारी द्वारा पहचान पत्र तक धारित नहीं किये थे। नियमत: परीक्षा का संचालन डीजी सेट पर किया जाना चाहिए। एक बजे से यहां परीक्षा थी और 12.30 बजे यहां बिजली नहीं होने पर भी परीक्षा केन्द्र में जनरेटर चालू नहीं हो सका था।
न बफर न ही बैकअप
परीक्षा नियमानुसार केन्द्र में बफर सिस्टम तैयार रहना चाहिए। साथ ही इंटरनेट फेल होने की स्थिति में बैकअप (द्वितीय इंटरनेट कनेक्शन) होने चाहिए। जिसकी कोई जानकारी यहां नहीं मिली। परीक्षार्थियों के लॉगिन सिस्टम प्रदाय करने में असमर्थता रही। कम्प्यूटर साफ्टवेयर की परीक्षा पूर्व जांच में हस्ताक्षरित चेकिंग एवं रेण्डमाइजेशन नही पाया गया।
जांच दल से उलझा संचालक
जब जांच दल ने यहां व्यापक पैमाने पर अनियमितता पाई तो संचालक ने संबंधित दस्तावेज आदि की जानकारी चाही तो संचालक राजीव त्रिपाठी जांच दल से ही उलझने लगा। दल में मौजूद अधिकारियों से अधिकारिता के सवाल करने लगा।
'' केन्द्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता पाई गई है। केन्द्र संचालक राजीव त्रिपाठी को नोटिस जारी किया गया है। पर्यवेक्षक ताराचंद्र साहू को 3 दिन में व्यवस्थाएं सुचारू कराने निर्देशित किया है। पूरी जानकारी परीक्षा नियंत्रक पीईबी को भी दी गई है। '' - शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर