शिक्षिका के साथ दो अन्य महिलाएं भी थी कैद, १० दिन बाद लौटी शिक्षिका ने बताया हुआ था अपहरण
सतना। बीते दस दिनों से गायब रामनगर क्षेत्र की शिक्षिका शुक्रवार को भाई की मदद से घर पहुंच गई। शिक्षका की गुमशुदगी की रिपोर्ट पति द्वारा थाने में दर्ज कराई गई थी। उसकी तबीयत ठीक न होने पर रामनगर सामुदायिक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। शिक्षिका ने बताया कि उसका अपहरण कर एक अंजान जगह में बने घर में कैद किया गया। वहां पर दो अन्य महिलाएं मौजूद थीं।
शिक्षिका ललिता सिंह ने परिजनों को बताया कि ५ सितंबर को सतना में डीईओ कार्यालय जाने के लिए एक ऑटो में बैठ गई। आटो में पहले से तीन महिलाएं सवार थीं। ऑटो में बैठने के बाद कुछ ही पल में बेसुध हो गई। उसके बाद जब होश आया तो एक कमरे में खुद और दो अन्य महिलाओं को बंद पाया।
बंद कमरे में कोई नहीं आता था। खाना-पीना सब खिड़की के जरिए रस्सी में बांधकर दिया जाता था। शिक्षिका के साथ दो अन्य महिलाएं कौन थी इसकी जानकारी नहीं है। एक खुद को बाबूपुर की बता रही थी और कैद में होना का दावा भी कर रही थी। अस्पताल में भर्ती होने के चलते पुलिस शुक्रवार को शिक्षिका के बयान नहीं दर्ज कर पाई।
ऐसे छूटी चंगुल से
शिक्षिका ने अस्पताल में बताया कि उसे किस जगह रखा गया, वहां तक कैसे ले जाया गया, इस बारे में कुछ याद नहीं है। गुरुवार की रात मौका मिलने पर दो अन्य महिलाओं के साथ जंगलनुमा जगह में बने मकान से भाग गई। वहां से भागते हुए परसवाही गोविंदगढ़ पहुंची तब तक भोर हो चुका था। फिर एक राहगीर की मदद से भाई को फोन किया। शुक्रवार सुबह भाई लेने पहुंचा। उसने अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालांकि थाने में दर्ज रिपोर्ट में ललिता के पति ने बताया था कि उसकी पत्नी का मोबाइल रामनगर में बस में चढऩे के कुछ देर बाद ही बंद हो गया था।
डीईओ दफ्तर के लिए निकली थी
रामनगर क्षेत्र के इंदवारी पोस्ट मूर्तिहाई के तेजबली सिंह ने थाने में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि पत्नी ललिता सिंह ४ सितम्बर को गिधैला गई थी जहां से ५ सिम्बर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय आने के लिए सुबह ८ बजे पंचवटी ट्रेवल्स में चढ़ी। पति की रिपोर्ट के अनुसार बस में चढऩे के कुछ देर बाद ही पत्नी ललिता को मोबाइल फोन बंद हो गया। खोजबीन के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना में दर्ज कराई थी।