
सतना। हंसना जीवन का सबसे खूबसूरत पहलू है। बचपन में जब बच्चा हंसता है तो हम सब कुछ छोड़कर उसकी एक मुस्कान के पीछे भागे भागे फिरते हैं। यहां तक हम भी बचपन पर जमकर हंसते हैं। पर बढ़ती उम्र और बढ़ती जिम्मेदारियों ने हमारी मुस्कान को छीन लिया है और इसी के साथ इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। बहुत ही कम लोग हैं जो हमेशा हंसते हैं या फिर अपनी इस हंसी को ऑक्सीजन की तरह इस्तेमाल करते हैं।
पर बहुत से लोग एेसे भी हैं जो हंसना तो दूर दूसरों की हंसी भी उनसे देखी नहीं जाती, जबकि डॉक्टर्स भी मानते हैं कि हम सभी की अच्छी सेहत के लिए हंसना कितना जरूरी है। खैर शुक्र है लाफ्टर क्लब, स्टैंडअप कामेडियन और हास्य कवियों का जो इसके महत्व को समझ रहे हैं और लोगों को हंसने की कला सीखा रहे हैं। अपनी मिमक्री से, हास्य रचनाओं से लाखों के जीवन को तनाव मुक्त बना रहे हैं और उन्हें हर वक्त गुदगुदा रहे हैं। रविवार को वर्ल्ड लाफ्टर डे पर पत्रिका की विशेष प्रस्तुति।
स्टैंडअप कामेडियन की बात ही निराली
सतना शहर में दो बहुत ही लोकप्रिय कामेडियन है जो अपनी कामेडी से लोगों को जमकर हंसाते हैं। छोटा इवेंट हो या फिर बड़ा पर उनकी मौजूदगी हर जगह होती है, क्योंकि लोगों को पता है कि महफिल में समां बांधना है, भीड़ को एकत्रित करना है। या फिर लोगों को बोरियत से बचाना है तो स्टैंडअप कामेडियन से बेहतर कोई नहीं। संजय गुप्ता और उत्तम केवट आज यूट्यूब की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। जानते हैं इनके बारे में विस्तार से...
1. जिदंगी का आनंद लेना है तो हंसना सीख लें
24 वर्षीय स्टैंडअप कामेडियन संजय गुप्ता का कहना है मैंने देखा कि दुनिया में हंसाने वाले लोग कम हैं और रुलाने वाले लोग ज्यादा हैं और आज के इंसान को जीवन से खुद से हंसने की इच्छा ही नहीं होती। बस मैंने सोच लिया है कि लोगों को हंसाया जाए ताकि लोग अपनी जिंदगी में खुशी के पलों को खुलकर जी सकें। पिछले पांच सालों से लगातार शो के माध्यम से लोगों के चेहरे पर हंसाने का काम कर रहा हूं। अभी तक मैंने कुल मिलाकर 80 से 90 शो किए हैं, जिसमें से 40 प्रोग्राम बड़े स्तर पर किए हैं। कॉमेडी, शेरो शायरी, फ नी शायरी के माध्यम से लोगों के चेहरे में मुस्कान लाता हूं और लोगों ने मुझे दिल खोल के काफी प्यार भी दिया है। हंसाने की प्रेरणा मुझे कॉमेडी के सरताज कृष्णा, सुदेश से मिली। मेरा मानना है कि आदमी के जीवन में उतार-चढ़ाव बहुत आते हैं हमेशा इंसान को मुश्किलों से सामना करना चाहिए और जिन्हें देखकर मैंने बहुत कुछ सीखा है और कॉमेडी के माध्यम से यूट्यूब पर लोगों को हंसाने का प्रयास लगातार जारी है। यूट्यूब पर 35 वीडियो डाले हैं जिसे देखकर शिमला, राजस्थान, चेन्नई, मुंबई से चाहने वाले फोन पर बधाइयां और तारीफ की जाती है। यही संदेश देना चाहता हूं कि जिंदगी का आनंद लेने के लिए आर्थिक स्थिति का नहीं बल्कि मानसिक स्थिति का सही होना बेहद जरूरी है और जितना हो सकेगा मेरी तरफ से मैं लोगों के चेहरे पर हमेशा मुस्कान लाने की कोशिश करुंगा।
2. पहले परिवार को हंसाया, अब दुनिया को
कृपालपुर निवासी कामेडियन उत्तम केवट का कहना है कि लोग उन्हें देखते ही हंस देते थे, पर मैंने कभी बुरा नहीं माना और इसी को ध्यान में रखकर लोगों को हंसाने ही लगा। मेरा मनना है दुनिया में हंसाने वाले कम है रुलाने वाले ज्यादा। इसलिए मैने हंसने की कला ही सीख ली। आठ साल पहले घर में पिता, माता, भाई, बहन, पड़ोसियों को हंसता था और आज दुनिया को। सही मायने में यही मेरे आदर्श हैं, जिनसे मुझे हंसाने की प्रेरणा मिली। उत्तम बॉलीवुड कलाकारों की आवाज में पिछले 4 साल से स्टैंडअप कॉमेडी कर रहे हैं, जो लोगों को बेहद भा रही है। वे जैसे मंच से नाना पाटेकर , मोदी, राजकुमार, डैनी, सनी देओल की आवाज निकलते हैं लोग शो को देखना बंद ही करना पसंद नहीं करते। वे कहते हैं कि लोगों को हंसाना बड़े स्टेज प्रोग्राम करना लोगों तक जाकर पहचान बनाना अच्छा लगता है। लगभग पचास वीडियो यूट्यब पर डाले हैं। आपको विश्वास नहीं होगा, एक वीडियो शराबी ड्रामा को साढ़े नौ लाख लोगों ने देखा जो एक महीने के अंदर एक मिलियन में बदल जाएगा। यही मेरा कमाई का जरिया भी है। यही नहीं कई टीवी शो में भी स्टैंड कामेडियन का ऑडिशन दे चुका हूं। दिल्ली, बांदा, इलाहाबाद, मैहर, जबलपुर, भोपाल, इंदौर जैसे शहरों में स्टैंडअप कामेडी करता हूं।
3. एक अड्डा एेसा जहां एकत्रित होते हैं सतना शहर के हंसोड़े
पुष्करणी पार्क एेसी जगह बन चुका है, जहां हर हर दिन हंसोड़े एकत्रित होकर जमकर ठहाके लगाते हैं। यहां सुबह पांच से आठ बजे तक लोग आते हैं और ठहाके लगाकर तनाव मुक्त होते हैं। यही नहीं शहर के दो लाफ्टर क्लब के नाम से फेमस संस्था भी अपने अपने ढंग से टोली बनाकर लोगों को हंसना सिखाती है। ओम योग संस्था और मुक्ति क्लब हर दिन करीब 15 से बीस मिनट तक हंसने का प्रशिक्षण देती है। संस्था की ओर से बच्चे, युवा, महिलाएं और पुरुषों सभी को हंसने का प्रशिक्षण दिया जाता है। अमर कापड़ी ने बताया कि पहले लोग शर्माते हैं फिर दो से तीन दिन में हंसने की आदत हो जाती है। फिर हर दिन हमारे साथ बैठ कर लोग जोर-जोर से ठहाके लगाते हैं। इस ठहाके की गंूज इतनी होती है कि बाहर के लोग भी अंदर आकर हमारे साथ बैठकर हंसी का आनंद
उठाते हैं।
4. हास्य रचनाओं ने दिलाई राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
लोगों को हंसाने के लिए एक विधा हास्य कविताएं हैं। यह एेसी कविताएं हैं जिनको सुनकर लोग हंसते भी हैं और सामाजिक विसंगतियों से भी रूबरू होते हैं। इस विधा को आत्मसात किया नागौद के हास्यकवि अशोक सुंदरानी और सतना के हास्यकवि रविशंकर चतुर्वेदी। जिन्होंने हास्य रचनाओं के माध्यम से देश ही नहीं विदेशों में भी लोगों को जमकर हंसाया और यह सिलसिला आज भी जारी है।
5. जीवन का पहला और आखिरी उद्देश्य हंसाना
नागौद के प्रख्यात हास्य कवि को आज कौन नहीं जानता। वे जिस मंच पर जाते हैं चारों तरफ खुशियां ही खुशियां बिखर जाती हैं। उनका कहना है कि जब लोग कवि सम्मेलन में आते हैं तो वह अपना दर्द और तनाव भूलाना चाहते हैं। यह तनाव तभी दूर होगा जब कवि हास्य रचनाओं को प्रस्तुत करेंगे। दुख देने के लिए रिश्तेदार ही काफी है इसलिए मैंने तो लोगों की दुख दूर करने की ठानी है। उनका कहना है कि चाहे टीवी चैनल हो या फिर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मंच इन सभी जगहों पर लोगों को वह जमकर हंसाने का प्रयास करते हैं। भारत का शायद ही कोई एेसा शहर हो जहां पर इन्होंने हास्य रचनाओं की प्रस्तुति न दी हो। विदेशों में दुबई, हांगकांग, बैकांक, जकार्ता, सिंगापुर में अपनी हास्य रचनाओं की प्रस्तुति दी है। उन्होंने कहा कि जीवन का पहला और आखिरी उद्देश्य है हास्य रचनाओं से लोगों को जमकर हंसाना। युवाओं से भी यही कहना चाहता हूं अगर आपमें हंसाने के गुर हैं तो इसका इस्तेमाल करें और दूसरों के जीवन में खुशहाली लाएं। यूट्यूब पर इनके खुद के चैनल है जिसे लोगों द्वारा खूब देखा जाता है।
6. ईश्वर आराधना के समतुल्य है हंसाना
सतना के रवि शंकर चतुर्वेदी भी हास्य रचनाओं के जरिए लोगों को जमकर हंसाने का कार्य 1992 से कर रहे हैं। इनका कहना है आज का दौर समस्याओं से भरा हुआ है। लोगों के अंदर तमाम चिंताएं है उन चिंताओं से मुक्त होकर अगर वह कुछ छण हंस लेता है तो यह काम ईश्वर की आराधना के समतुल्य है। मेरा तो मनना है कि आज हर दिन हास्य होना चाहिए। हास्य दिवस पर लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे हंसे और दूसरे को भी जमकर हंसाए। विंध्य रत्न से सम्मानित हास्य कवि आकाशवाणी, दबंग चैनल, भोपाल दूर दर्शन में अपनी हास्य रचनाओं की प्रस्तुति दे चुके हैं। यही नहीं यूट्यूब के नामोकार चैनल से 75 देश के लोग जुडें हैं वह इनकी हास्य रचनाओं की वीडियों को काफी पसंद कर रहे हैं।
7. पल में दूर हो जाएंगी कई बीमारियां
शहर के जिला अस्पताल के मेडिकल डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव का कहना है कि हंसने से गुस्सा कंट्रोल किया जा सकता है। कई शोधों से पता चलता है कि अगर आप हंसमुख व्यक्ति हैं तो आपको ये बीमारियां नहीं होंगी और अगर आप कम हंसते हैं तो जल्द ही आपको इन बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।