विश्व मलेरिया दिवस पर विशेष: साल-दर-साल बढ़ रहा मलेरिया पीडि़तों का ग्राफ
सतना। जिले में मलेरिया पीड़ितों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। बीते चार साल में 400 मरीजों की वृद्धि हुई। वर्ष 2014-15 में 59 मरीज बढ़े तो 2015-16 में यह संख्या 104 पहुंच गई। 2016-17 में यह आंकड़ा 106 हो गया। हर साल बढ़ती संख्या देखकर भी महकमा शांत रहा। इसी का नजीता रहा कि सतना को प्रदेश के उच्च प्राथमिकता (हाइफोकस) वाले जिलों की सूची से बाहर कर दिया गया। अब जिले में वेक्टरजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम में भी बदलाव होगा। जिलेभर में सेंथेटिकपायरेथ्राइड स्प्रे का छिड़काव बंद कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य महकमे की रिपोर्ट की मानें तो जनवरी से दिसंबर माह तक डेढ़ हजार से अधिक मलेरिया पीडि़त सामने आ चुके हैं। पीडि़तों की संख्या हर माह बढ़ती जा रही है। खतरनाक फेल्सीफेरम मलेरिया भी तेजी से पांव पसार रहा है। जनवरी से दिसंबर 2017 तक 324 पीडि़त सामने चुके हैं।
ये छह गांव क्रिटिकल जोन में
मझगवां के आधा दर्जन से अधिक गांवों वीरपुर, हरदी, अमुआ, पिपरहाई, छितहाई, हरसेड़ में नवंबर 2017 में मलेरिया का जमकर प्रकोप बरपा। आधा दर्जन गांव में तीन सैकड़ा से अधिक लोग बुखार से पीडि़त थे। पीडि़त सीएचसी, जिला अस्पताल इलाज कराने आ रहे थे। लेकिन जानबूझकर मामले को अनदेखा कर दिया गया। मीडिया में मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य महकमे द्वारा आनन-फानन कैम्प का आयोजन किया गया। संचालनालय से अनुमति लेकर प्रभावित गांवों में स्प्रे कराया गया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हो पाई। गांवों में आयोजित कैंप में बड़ी संख्या में मलेरिया पीडि़त सामने आए। इससे वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की हकीकत सामने आ गयी।
ऐसे बढ़ा ग्राफ
मलेरिया पीडि़तों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट पर गौर करें तो सामान्य मलेरिया के 2013-14 में 1182 और फेल्सीफेरम के 244 पीडि़त सामने आए। जनवरी से दिसंबर 17 तक जिलेभर में 1539 पीडि़तों को मलेरिया की पुष्टि हुई। 324 लोग फेल्सीफेरम पॉजिटिव मिले।
जागरुकता रैली आज
जिला मलेरिया विभाग की ओर से लोगों को जागरुक करने के लिए जिला अस्पताल से बुधवार सुबह 9 बजे जागरुकता रैली निकाली जाएगी। रैली को सीएमएचओ डॉ. डीएन गौतम, सीएस डॉ. एसबी सिंह हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे। रैली शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए वापस जिला अस्पताल में आकर समाप्त होगी। इसके बाद आइपीपी-6 में वेक्टरजनित रोग नियंत्रण को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।