नायपुर कस्बा से गुजर रहे स्टेट हाईवे 123 पर अणदपुरा गांव में शुक्रवार दोपहर एक सियार ने तीन वर्षीय बालक सहित दो महिला व एक व्यक्ति पर हमला कर जख्मी कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई।
खंडार (सवाईमाधोपुर)। नायपुर कस्बा से गुजर रहे स्टेट हाईवे 123 पर अणदपुरा गांव में शुक्रवार दोपहर एक सियार ने तीन वर्षीय बालक सहित दो महिला व एक व्यक्ति पर हमला कर जख्मी कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई।
परिजनों ने बताया कि तीन वर्षीय बालक हरीश बैरवा पुत्र दुलीचंद बैरवा घर के आंगन में मां के सामने खेल रहा था। इस दौरान रणथम्भौर जंगल से निकलकर आए सियार ने उसे जबड़े में दबोच लिया और खेतों की ओर भाग गया। मां बिंतोष देवी के शोर मचाने पर परिजन व ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीछा कर बालक को छुड़ाया, लेकिन इस दौरान सियार ने बच्चे की मां बिंतोष देवी सहित गीता देवी व छोटूलाल बैरवा पर भी हमला कर दिया। इन्हें घायल होने पर खंडार उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सियार के पगमार्क मिले।
ग्रामीणों ने बताया कि रणथंभौर से सटे गांवो में आए दिन जंगली वन्यजीव का मूवमेंट हैं। इसके चलते बाघ, पैंथर, भालू, सियार जैसे वन्य जीवों की चहल कदमी बनी रहती है। जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। जंगली वन्य जीव मवेशियों पर हमला करने के साथ ही मनुष्यों पर भी हमला कर रहे हैं। वहीं भालू आए दिन गांवों में पहुंचकर दरवाजे खिड़की तोड़कर दूध, घी, दही सहित अन्य खाद्य पदार्थ चट कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रणथंभौर अभयारण्य की सुरक्षा दीवारें जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं। जिससे जंगली बने हिंसक जीव आबादी इलाकों में दाखिल हो रहे हैं। इतना ही नहीं कहीं गांव ऐसे हैं जहां पर सुरक्षा दीवार ही नहीं है। दीवार बनाई तो वहां पर अधूरी दीवार बनाई है। अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व में वन विभाग की ओर से वन भूमि का ड्रोन सीमा ज्ञान किया गया है टीम ने पॉइंट पर मुंडिया गाढ़ कर सीमा स्तर की लेकिन वहां पर आज तक सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई।
मौके पर सियार के पगमार्ग मिले हैं। उसने ही 3 वर्षीय बालक, दो महिला और एक व्यक्ति पर हमला किया है। सभी घायलों को सरकारी नियमानुसार मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया की जाएगी। रणथंभौर की जहां-जहां क्षतिग्रस्त दीवार हैं। उनकी मरम्मत करवाई जाएगी और जहां पर दीवार नहीं बनाई है, वहां सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। टीम की ओर से उस इलाके में मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है।
शैलेश अग्रवाल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, खंडार