सवाई माधोपुर

Success Story : वो हारी नहीं, सुई-धागे के हुनर को बनाया सहारा, पति को भी सिखाई सिलाई

Success Story : गंगापुरसिटी की फुलवाड़ा की राकेशी मीना ने यह साबित कर दिया कि कठिन हालात इंसान को रोक नहीं सकते, बल्कि उसे और मजबूत बनाते हैं। पढ़ें राकेशी मीना की सफलता की कहानी।
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Gangapur City Phulwara Rakeshi Meena used her needle work and thread skills become example
Success Story : गंगापुरसिटी की फुलवाड़ा की राकेशी मीना। फोटो पत्रिका

Success Story : गंगापुरसिटी की फुलवाड़ा की राकेशी मीना ने यह साबित कर दिया कि कठिन हालात इंसान को रोक नहीं सकते, बल्कि उसे और मजबूत बनाते हैं। 2019 में शादी के बाद जब परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, तब उन्होंने हार मानने के बजाय 2020 में घर पर सिलाई का काम शुरू किया। यह कदम केवल रोजगार पाने के लिए नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर पहला साहसी प्रयास था। सिलाई के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और बीए की डिग्री हासिल की। पति प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तो उन्होंने उनका भी सहयोग किया।

पति को भी सिखाई सिलाई

राकेशी बताती है कि धीरे-धीरे काम बढ़ा तो उन्होंने अपने पति को भी सिलाई सिखाई। दोनों ने मिलकर राजस्थान के गंगापुरसिटी शहर के सालोदा क्षेत्र में किराए का मकान लेकर लहंगा सिलाई व डिजाइन का काम शुरू किया और हुनर और मेहनत ने उन्हें महिलाओं के बीच अलग पहचान दिलाई। इसके अलावा अपनी ननद को भी हुनरमंद बनाया।

खुद सक्षम बन दूसरों को दिया रोजगार

आर्थिक रूप से सक्षम होने पर अपनी दुकान खोली और दो महिलाओं को रोजगार दिया। उन्होंने न केवल परिवार को संभाला, बल्कि अन्य परिवारों में भी खुशियां बांटी। आज वे प्रति माह 60 हजार से अधिक बचत कर रही हैं। राकेशी का कहना है कि महिलाएं भाग्य भरोसे न बैठें, आत्मनिर्भरता की राह चुनें। सोच है-'पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर नारी कभी किसी से नहीं हारी।'

इस प्रकार रहा सफलता का सफर

शुरुआत - 2020 में ससुराल में घर पर सिलाई का काम शुरू किया। घर-घर जाकर लोगों को अपने काम के बारे में बताया और कहा कि एक मौका दें।
शिक्षा - आर्थिक दिक्कत को दूर करने के लिए जहां सिलाई काम शुरू किया वहीं अपनी पढ़ाई में कोई ब्रेक नहीं लगाया। बीए की पढ़ाई पूरी की।
सहयोग - काम में मदद मिले इसलिए अपने पति को सिलाई सिखाई और साथ मिलकर काम और आगे बढ़ाया।
व्यवसाय विस्तार - धीरे धीरे काम में तरक्की होने लगी तो घर की जगह शहर में एक दुकान खोली। साथ ही कुछ महिलाओं को रोजगार भी दिया।
कमाई - मेहनत और हुनरमंदी से आज राकेशी मीना प्रति माह 60 हजार से अधिक आय कमा लेती हैं।
संदेश - आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की असली शक्ति।

Updated on:
03 Jul 2026 12:51 pm
Published on:
03 Jul 2026 11:00 am
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