
Success Story : गंगापुरसिटी की फुलवाड़ा की राकेशी मीना ने यह साबित कर दिया कि कठिन हालात इंसान को रोक नहीं सकते, बल्कि उसे और मजबूत बनाते हैं। 2019 में शादी के बाद जब परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, तब उन्होंने हार मानने के बजाय 2020 में घर पर सिलाई का काम शुरू किया। यह कदम केवल रोजगार पाने के लिए नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर पहला साहसी प्रयास था। सिलाई के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और बीए की डिग्री हासिल की। पति प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तो उन्होंने उनका भी सहयोग किया।
राकेशी बताती है कि धीरे-धीरे काम बढ़ा तो उन्होंने अपने पति को भी सिलाई सिखाई। दोनों ने मिलकर गंगापुरसिटी शहर के सालोदा क्षेत्र में किराए का मकान लेकर लहंगा सिलाई व डिजाइन का काम शुरू किया और हुनर और मेहनत ने उन्हें महिलाओं के बीच अलग पहचान दिलाई। इसके अलावा अपनी ननद को भी हुनरमंद बनाया।
आर्थिक रूप से सक्षम होने पर अपनी दुकान खोली और दो महिलाओं को रोजगार दिया। उन्होंने न केवल परिवार को संभाला, बल्कि अन्य परिवारों में भी खुशियां बांटी। आज वे प्रति माह 60 हजार से अधिक बचत कर रही हैं। राकेशी का कहना है कि महिलाएं भाग्य भरोसे न बैठें, आत्मनिर्भरता की राह चुनें। सोच है-'पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर नारी कभी किसी से नहीं हारी।'
शुरुआत - 2020 में ससुराल में घर पर सिलाई का काम शुरू किया।
शिक्षा - सिलाई के साथ बीए की पढ़ाई पूरी की।
सहयोग - पति को सिलाई सिखाई और साथ मिलकर काम बढ़ाया।
व्यवसाय विस्तार - शहर में दुकान खोल अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया।
कमाई - आज प्रति माह 60 हजार से अधिक आय।
संदेश - आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की असली शक्ति।