
मलारना डूंगर. ग्राम पंचायत चकबिलोली के पीलवा नदी गांव में इन दिनों सरकारी हैण्डपम्पों पर कब्जे की लोगों में होड़ सी लगी है। जिसके द्वार सरकारी हैण्डपम्प लगा उसी ने अतिक्रमण कर हैण्डपम्प को चार दीवारी के अन्दर ले लिया। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में पीलवा नदी के ग्रामीण सोमवार को उपखण्ड अधिकारी के पास पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंप कर सरकारी हैण्डपम्पों को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने आए समसू, जावेद, कासिम आदि ने बताया कि पीलवा नदी गांव में 17 सरकारी हैण्डपम्प लगे हैं।
इनमें से ज्यादातर पर लोगों ने अतिक्रमण कर कब्जा जमा लिया है। कुछ ने अपनी मोटर डाल ली। ऐसे में अब आमजन को पानी पीने के लाले पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने अपने चहेतों की खातेदारी भूमि में कई हैण्डपम्प लगवा दिए। इससे अब लोग पानी पीने के साथ ही सिंचाई के काम में भी ले रहे हैं, जबकि आमजन बूंद बूंद पानी को तरसर रहा है।
इन दिनों भीषण गर्मी के चलते हर तरफ पानी के लिए कोहराम मचा है। इंसानों के साथ ही जानवरों को भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी सरकारी हैण्डपम्पों को अतिक्रमण मुक्त करवा कर आमजन के लिए चालू करवाने की मांग की है।
स्वीकृति के बाद भी टैंकरों से पेयजल आपूर्ति
भगवतगढ़. पंचायत समिति के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या समाधान को लेकर उप जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न गांवों में एक मई से टैंकरों द्वारा पेयजल आपूर्ति शुरू होनी थी।
एक सप्ताह गुजर जाने के बाद भी पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं होने से ग्रामीणों के सामने पीने के पानी की विकट समस्या बनी हुई है। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अशोकराज मीना ने बताया कि उन्होंने विधायक दीया कुमारी को ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल समस्या से रूबरू कराकर पेयजल समस्या के समाधान के लिए टेंकरों की स्वीकृति कराई थी। उन्होंने अधिकारियों से शीघ्र टैंकरों से पेयजल सप्लाई कराने की मांग की।
करोड़ों खर्च के बाद भी पानी को तरसे ग्रामीण
खिरनी . कस्बे में वार्ड 10 के अलावा मुख्य बाजार, आजाद चौक सहित कई मोहल्लों में करीब 1 माह से पानी की समस्या से ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। कस्बे में विधायक कोष से वर्ष 2014 व 15 में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत तीन करोड़ से एक बड़ी टंकी, तीन कुएं एक पंप हाउस का निर्माण करवाया था, लेकिन संवेदक द्वारा बिना तकमीना के मनमर्जी से पाइप लाइनों को बिछाने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है ।
कस्बेवासी संजय गर्ग, सुरेश जैन, गोविंद गर्ग, विष्णु आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार पानी को लेकर कर्मचारियों से बहस हो रही है। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को फोन के माध्यम से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई भी इस समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं।
तकमीना से नहीं बिछी लाइने : जल योजना के अंतर्गत कस्बे में पाइप लाइन बिछाने का कार्य उस समय के कनिष्ठ अभियंता व ठेकेदार के कर्मचारियों की मनमर्जी से बिछाई गई। साथ ही स्वयं के रिश्तेदारों व चहेतों के लिए लंबी दूरी पर पाइप लाइन बिछाने से इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
आवेदक को परेशान कर रहा तंत्र ,शासन सचिव व श्रम आयुक्त तक पहुंची शिकायत