सवाईमाधोपुर शहर में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया और नगर परिषद से पट्टे भी ले लिए। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब नगर विकास न्यास ने इस संबंध में नगर परिषद को पत्र लिखा।
Rajasthan News : सवाईमाधोपुर शहर में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया और नगर परिषद से पट्टे भी ले लिए। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब नगर विकास न्यास ने इस संबंध में नगर परिषद को पत्र लिखा। अब नगर परिषद इस मामले की पड़ताल में जुटा है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद की ओर से पूर्व में राज्य सरकार के प्रशासन शहरों के संग अभियान में लोगों को आवासीय पट्टे का व्यापक स्तर पर जारी करने का अभियान चलाया गया था। सूत्रों की मानें तो नगर परिषद के अधिकारियों ने अभियान की आड़ लेकर नियमों को ताक पर रखकर यूआइटी और अन्य सरकारी विभागों की भूमि पर ही पट्टे जारी कर दिए। इसमें सरकारी विभागों की खाली पड़ी बेशकीमती सिवायचक और चरागाह भूमि शामिल है।
लटिया नाले के पास चरागाह भूमि पर दिए
नगर परिषद की ओर से यूआइटी के नाम से रिकॉर्ड में दर्ज लटिया नाले के पास चरागाह भूमि पर भी लोगों को आवासीय पट्टे जारी कर दिए हैं। नगर परिषद ने अनाज मण्डी के सामने स्थित खसरा नबर 1417 व 1418 में 69 क के तहत आवासीय पट्टा जारी किया है। जबकि रिकॉर्ड में यह भूमि सार्वजनिक निर्माण विभाग के नाम सड़क के तौर पर दर्ज है।
नमोकार नगर में यूआइटी की जमीन पर दिए
नगर परिषद ने आवासन मण्डल के पास स्थित नमोकार नगर में यूआइटी की जमीन पर आवासीय पट्टे जारी किए हैं। यहां लोगों ने मकान भी बना लिए हैं। यहां हाइटेंशन लाइन के नीचे रास्ते को ऊंचा करने के लिए लोगों ने मिट्टी तक डलवा दी। इसके चलते हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई यहां महज 4 फीट ही रह गई है, जिससे बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
यह है नियम
यूआइटी से मिली जानकारी के अनुसार नियमानुसार आबादी भूमि पर ही पट्टे जारी किए जा सकते हैं और इसके लिए भी कम से कम 20 साल से अधिक उक्त स्थान पर रहना अनिवार्य होता है, लेकिन नगर परिषद की ओर से नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से पट्टे जारी किए गए हैं।
इस संबंध में यूआईटी की ओर से पत्र मिला है, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फतेह सिंह मीणा, आयुक्त नगर परिषद, सवाईमाधोपुर।