सवाई माधोपुर

Rajasthan Panchayat Election: पंचायत चुनाव को लेकर गांवों सियासी हलचल तेज, सीट आवंटन से पहले ही संभावित प्रत्याशी सक्रिय

Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान सहित सवाईमाधोपुर जिले के गांवों में सरपंच चुनाव को लेकर माहौल गर्माने लगा है। गांव-गांव में राजनीतिक हलचल बढ़ने से माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है।
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Rajasthan Panchayat Election
Photo: AI generated

Sawai Madhopur News: राजस्थान सहित सवाईमाधोपुर जिले के गांवों में सरपंच चुनाव को लेकर माहौल गर्माने लगा है। भले ही अभी तक ग्राम पंचायतों में सीटों का आधिकारिक आवंटन नहीं हुआ हो, लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।

गांव-गांव में राजनीतिक हलचल बढ़ने से माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। चाय की चौपालों से लेकर खेत-खलिहानों तक और चौराहों की थड़ियों से लेकर मोबाइल स्क्रीन तक हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है-इस बार सरपंच कौन? सोशल मीडिया पर पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों की तस्वीरें साझा की जा रही हैं, वहीं व्यक्तिगत संपर्क और जनसंपर्क अभियान ने भी रफ्तार पकड़ ली है।

सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ी सक्रियता

संभावित प्रत्याशी यह मानकर रणनीति बना रहे हैं कि उनकी ग्राम पंचायत में सीट आना तय है। इसी विश्वास के साथ घर-घर संपर्क, छोटी-छोटी बैठकें, सामूहिक भोज और सामाजिक आयोजनों में भागीदारी बढ़ा दी गई है। मतदाताओं को साधने के लिए व्यक्तिगत मुलाकातों का दौर भी तेज हो गया है।

पांच साल की खामोशी, अब वादों की बारिश

ग्रामीणों का कहना है कि जिन मुद्दों पर पिछले पांच वर्षों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई टूटी सड़कें, अधूरी नालियां, गंदगी, बंद पड़ी रोड लाइटें और पेयजल समस्या वे अब चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल हो गए हैं। कई जगहों पर वर्तमान जनप्रतिनिधि अधूरे कार्यों को अंतिम समय में पूरा दिखाने की कोशिश में जुटे हैं। छोटे-मोटे विकास कार्यों के लिए ठेकेदारों से संपर्क साधे जाने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं।

बदला व्यवहार, बढ़ी ‘राम-राम’ की राजनीति

जिन जनप्रतिनिधियों पर पहले आमजन से दूरी बनाए रखने के आरोप लगते थे, वे अब हर गली-मोहल्ले में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती मौजूदगी, लोगों को नाम लेकर अभिवादन और समस्याएं सुनने की तत्परता यह बदला हुआ व्यवहार ग्रामीणों की नजर से ओझल नहीं है। सीटों की आधिकारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, लेकिन गांवों में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। आने वाले दिनों में सरपंची की यह जंग और रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं।

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