
सवाईमाधोपुर। जिले के बौंली उपखंड मुख्यालय पर अंबेडकर जयंती से ठीक पहले अंबेडकर सर्किल एक बार फिर सियासत का अखाड़ा बन गया। शिलान्यास पट्टी लगाने को लेकर फिर विवाद हो गया। पुलिस को मौके पर पहुंचकर पट्टियां हटानी पड़ीं।
अंबेडकर सेवा समिति के तत्वावधान में जैसे ही सर्किल पर शिलान्यास पट्टी लगाने की कोशिश की गई, मामला गरमा गया। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी जितेन्द्र सोलंकी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और बिना देर किए पट्टियों को जब्त कर थाने भिजवा दिया।
उल्लेखनीय है कि ठीक एक साल पहले भी इसी मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ चुकी हैं। तब भी बयानबाजी और तीखी नोकझोंक ने माहौल बिगाड़ दिया था।
पट्टी हटाने की कार्रवाई के बाद भीम आर्मी और अंबेडकर सेवा समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बामनवास विधायक इंदिरा मीणा खुद मौके पर पहुंचीं और भाजपा पर सीधा हमला बोला। मीणा ने आरोप लगाया कि "सरकार के इशारे पर अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। न कोई नोटिस, न आदेश, फिर भी शिलान्यास पट्टी लगाने से रोका जा रहा है।"
गुस्साए कार्यकर्ताओं के साथ विधायक पहले थाने पहुंचीं, ज्ञापन सौंपा और फिर अंबेडकर सर्किल पर चढ़कर विरोध जताया मीणा ने मौके से ही जिला कलक्टर को फोन किया। जिस पर कलक्टर ने तीन दिवस में मामले का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान नगर पालिका तिराहे पर जाम जैसे हालात बन गए। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
स्थिति बिगड़ती देख एसडीम, तहसीलदार दिनेश मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलकमल मीणा, डिप्टी उमेश गुप्ता और थाना अधिकारी सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने समझाइश कर यातायात को सुचारू कराया।
विधायक मीणा ने कहा कि अंबेडकर सर्किल का निर्माण आमजन के सहयोग से हुआ है। 2 अक्टूबर 2023 को इसका उद्घाटन भी हो चुका है। टाइल्स का काम अधूरा रहने से तब पट्टी नहीं लग पाई थी, लेकिन अब उसे लगाने में रोड़ा अटकाया जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दे रहे हैं। जबकि असल मुद्दा केवल नियमों के पालन का है। पार्टी का कहना है कि अंबेडकर सर्किल जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर कोई भी कार्य पूरी पारदर्शिता और प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए।