
Farm Pond Scheme : सवाई माधोपुर के चौथकाबरवाड़ा क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य सरकार की खेत तलाई (फार्म पॉण्ड) योजना किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। कृषि विभाग की ओर से वर्षा जल संग्रहण के लिए खेत तलाई निर्माण पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे सिंचाई सुविधा मजबूत होने के साथ अतिरिक्त आय के अवसर भी मिल रहे है। कृषि विभाग के अनुसार योजना के तहत खेतों में वर्षा जल का संग्रहण कर किसान फसलों की सिंचाई के साथ-साथ मछली पालन और बत्तख पालन जैसे कार्य भी कर सकेंगे। इससे खेती पर निर्भर किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा और सूखे के समय सिंचाई की समस्या से राहत मिलेगी।
वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों को प्लास्टिक लाइनिंग फार्म पॉण्ड पर इकाई लागत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1 लाख 35 हजार रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं कच्चे फार्म पॉण्ड पर 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम 73 हजार 500 रुपए तक सहायता राशि देय है।
अन्य श्रेणी के किसानों को प्लास्टिक लाइनिंग फार्म पॉण्ड पर 80 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपए तथा कच्चे फार्म पॉण्ड पर 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 63 हजार रुपए तक अनुदान मिलेगा।
योजना के तहत न्यूनतम 400 घनमीटर और अधिकतम 1200 घनमीटर क्षमता की खेत तलाई पर अनुदान मिलेगा। अधिकतम आकार 20 मीटर लंबाई, 20 मीटर चौड़ाई और 3 मीटर गहराई निर्धारित है। विशेष परिस्थितियों में पथरीले एवं पहाड़ी क्षेत्रों में गहराई में छूट का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.3 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। आवेदन किसान स्वयं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से कर सकते हैं।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, उद्यानिकी और नवाचारी खेती को अपनाकर जिले के दो प्रगतिशील किसानों ने राज्य स्तर पर सवाईमाधोपुर का नाम रोशन किया है। आत्मा योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 के राज्य स्तरीय कृषक पुरस्कार के लिए प्रदेशभर से चयनित 10 किसानों में जिले के रामसिंह मीणा और लखनलाल मीणा का चयन हुआ है। जयपुर स्थित राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान ने दोनों किसानों को कृषि नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करने की घोषणा की है।
यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरवपूर्ण है बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगी। बैंकिंग से खेती तक नवाचार की पेश की मिसाल गंभीरा निवासी और सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर रामसिंह मीणा ने यह साबित कर दिया कि खेती भी सम्मान और सवाईमाधोपुर, प्रगतिशील किसान राम समृद्धि का माध्यम बन सकती है। वर्षों तक बैंकिंग क्षेत्र में सेवाएं देने के बाद उन्होंने परंपरागत खेती छोड़कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बागवानी मॉडल अपनाया।