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Mahant Devanand Murder : महंत देवानंद की निकाली गई अंतिम यात्रा, नम आंखों से दी गई समाधि, हत्यारे की तलाश में पुलिस

Mahant Devanand Murder : कोटा के चंद्रेसल मठ में मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या के बाद आज रविवार को चाणक्‍य दाह आश्रम पर‍िसर में समाधि दे दी गई।

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Mahant Devanand Murder funeral procession burial was given Police searching killer

संत देवानंद महाराज को श‍िष्‍यों ने नम आंखों से दी समाधि। फोटो पत्रिका

Kota Mahant Devanand Murder : कोटा के चंद्रेसल मठ में मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज (35 वर्ष) की शुक्रवार रात करीब 11 बजे महंत की हत्या कर दी गई। देवानंद महाराज की हत्या ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। आज रविवार को सवाई माधोपुर के ढूंढा गांव से अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों भक्त गणों और आम जनता की भीड़ शामिल हुई। इसके बाद चाणक्य दाह आश्रम में उनको समाधि दे दी गई। लोगों ने दुखी मन और नम आंखों से देवानंद महाराज को अंत‍िम व‍िदाई दी।

बताया जा रहा है कि शनिवार शाम को प्रशासन की ओर से मांगें मानने के बाद रात को पार्थिव शव को सवाई माधोपुर जिले के सूरवाल थाना क्षेत्र स्थित चाणक्य दाह आश्रम लाया गया। रविवार सुबह साधु-संतों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में ट्रैक्टर-ट्रॉली में अंतिम यात्रा निकाली गई। जयकारों के बीच संत के पार्थिव देह को समाधि दी गई। इस दौरान पूरा आश्रम देवानंद महाराज के जयकारों से गूंजामान हो उठा था।

हत्या के विरोध में आंदोलन, प्रशासन ने मानी मांगें

महंत की हत्या की खबर फैलते ही साधु-संतों और विभिन्न हिंदू संगठनों में रोष फैल गया। शनिवार को कोटा में विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन हुआ। संत समाज की मांगों पर प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल

हत्या के पीछे की वजह क्या थी? हमलावर कौन थे और मठ तक कैसे पहुंचे? इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें जांच में लगी हैं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है।

कौन थे महंत देवानंद जानिए?

चंद्रेसल मठ के महंत स्वामी देवानंद राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रहने वाले हैं। सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा की तहसील रजवाना के रहने वाले स्वामी देवानंद बीते 4 साल से कोटा स्थित चंद्रेसल गांव में रह रहे थे। यहां मठ में रहकर आध्यात्मिक जीवन जी रहे थे। भाजपा के पूर्व देहात जिला अध्यक्ष मुकुट बिहारी नागर ने बताया कि महंत देवानंद 15 दिन मठ में और कुछ समय सवाई माधोपुर रहते थे। उन्हें जूनागढ़ अखाड़े की तरफ से यहां नियुक्त किया गया था और उन्हीं की देखरेख में यह चंद्रेसल मठ चलता था।

मठ के खाते में 4 करोड़ 33 लाख जमा

मठ के के खाते में 4 करोड़ 33 लाख 13 हजार 31 रुपए की राशि जमा है। मठ के अधीन छह राजस्व ग्रामों में भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इनमें ग्राम चन्द्रेसल में 56 खसरे (कुल रकबा 43.70 हेक्टेयर), रंगतालाब बारी कालातालाब में 2 खसरे (कुल रकबा 9.45 हेक्टेयर), दसलाना में 1 खसरा (कुल रकबा 0.55 हेक्टेयर), देवली मछियान में 4 खसरे (कुल रकबा 2.96 हेक्टेयर), नोटाना में 3 खसरे (कुल रकबा 0.7180 हेक्टेयर) तथा रामखेड़ली में 2 खसरे (कुल रकबा 0.40 हेक्टेयर) दर्ज हैं।