
सवाई माधोपुर। जिले में मानसून एक बार फिर मेहरबान हुआ है। गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार देर शाम तक जारी रहा। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों और जलस्रोतों में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई। कई रपटों पर पानी का तेज बहाव शुरू होने से रास्ते बाधित हो गए, वहीं सवाई माधोपुर-करौली मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए छुट्टी रही।
मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र में करीब 48 घंटे से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। उपखंड मुख्यालय पर करीब 150 एमएम यानी छह इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण एसडीएम और तहसील कार्यालय परिसर में पानी भर गया। चारों ओर पानी जमा होने से पूरा परिसर टापू जैसा नजर आया।
कस्बे के कई अन्य हिस्सों में भी जलभराव की स्थिति रही। बारिश के बाद मोरेल नदी में पानी की आवक तेज हो गई, जबकि बनास नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ा। भूरी पहाड़ी स्थित बनास नदी की रपट के ऊपर से पानी बहने लगा। इसके चलते सवाई माधोपुर-करौली मार्ग पर संपर्क बाधित हो गया।
जिले में तेज बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं। शेरपुर-झरेटी रपट पर पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। इसी दौरान रपट पार करने की कोशिश कर रहा एक बाइक सवार पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और बाइक सहित बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन ने लोगों से पानी कम होने तक रपट पार नहीं करने की अपील की है।
जिला मुख्यालय पर लटिया नाला भी उफान पर आ गया। वहीं रणथम्भौर क्षेत्र के अमरेश्वर महादेव और सीता माता मंदिर के झरनों में पानी की आवक बढ़ गई। कुशालीदर्रा गेट से भी तेज गति से पानी बहता नजर आया। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, झरनों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
छाण क्षेत्र में दो दिन की बारिश के बाद 31 फीट भराव क्षमता वाला मानसरोवर बांध लबालब हो गया। शनिवार को बांध पर करीब दो से तीन इंच पानी की चादर चलने लगी। बांध के छलकने से आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है। किसानों को सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
भारी बारिश और आगामी 24 घंटे में तेज बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार को जिले के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया। हालांकि शिक्षक और अन्य स्टाफ विद्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित रहे। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी 3 से 6 वर्ष के बच्चों का अवकाश रखा गया। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नदी-नालों, रपटों, झरनों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें।
तेज जल बहाव के कारण रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग को फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया है। वन विभाग के अनुसार आड़ा बालाजी सहित कई स्थानों पर पानी का बहाव तेज है। सुरक्षा को देखते हुए श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया है। बारिश थमने और बहाव कम होने के बाद मार्ग खोलने का निर्णय लिया जाएगा। गोमुख के पास मार्ग की आवश्यक मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम भी पूरा कर लिया गया है।
खण्डार कस्बे के मीणा मोहल्ले में शनिवार को बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया। मलबे में घरेलू सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य बाहर होने से जनहानि टल गई। प्रशासन की ओर से पटवारी से सर्वे करवाकर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की गई है।
वजीरपुर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन बारिश जारी रही। जगह-जगह पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। नदियां, नाले और तलैया उफान पर हैं। वहीं किसानों ने तिल्ली की फसल को नुकसान की आशंका जताई है। नॉलेज चौक के पास मुख्य नाले की सफाई नहीं होने से पानी सड़क पर बहने लगा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
खण्डार कस्बे के कई मोहल्लों में बारिश के दौरान तेज पानी का बहाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। मुस्लिम मोहल्ले से रामलीला मैदान, गोविंदा के कुएं, तिवारी मोहल्ला और नृसिंह मंदिर कुण्ड क्षेत्र में पानी का बहाव बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में परेशानी दोहराती है। लोगों ने संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वे करवाकर स्थायी जल निकासी और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।