Trinetra Ganesh Temple Tiger : रणथंभौर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघों की चहलकदमी थमने का नाम नहीं ले रही है। इस मार्ग पर बाघ-बाघिनों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। बुधवार दोपहर को भी बाघ टी-2511 मंदिर मार्ग पर आ गया।
Trinetra Ganesh Temple Tiger News : सवाईमाधोपुर। रणथंभौर क्षेत्र के त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर इन दिनों बाघों की लगातार बढ़ती चहलकदमी ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंदिर तक जाने वाला यह मार्ग जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है, ऐसे में यहां बाघों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। बुधवार दोपहर को भी बाघ टी-2511 मंदिर मार्ग पर आ गया।
अचानक बाघ को देखकर श्रद्धालुओं और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वनाधिकारियों ने बताया कि बाघ करीब एक घंटे तक मंदिर मार्ग पर टहलता रहा।
इस दौरान एहतियातन वन विभाग ने गणेश धाम से श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया। श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से मंदिर की ओर जाने से रोक दिया गया। बाद में बाघ जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद विभाग ने पुनः श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी।
गौरतलब है कि गत दिनों इसी बाघ का सामना गश्त कर रहे वनकर्मियों से भी हो गया था। अचानक सामने आए बाघ को देखकर वनकर्मी घबराकर अपनी बाइक वहीं छोड़कर भाग गए थे। लगातार हो रहे ऐसे मूवमेंट से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
बता दें कि 4 मार्च को त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर मिश्र दर्रा गेट की ओर टाइगर आरबीटी-2511 ‘मलंग’ सड़क पर टहलता हुआ नजर आया था। टाइगर कुछ देर तक सड़क पर आराम से टहलता रहा। इस दौरान उसने एक कार की ओर भी कदम बढ़ाए, जिससे वाहन में बैठे पर्यटक घबरा गए थे। हालांकि टाइगर ने किसी पर हमला नहीं किया और शांतिपूर्वक इधर-उधर घूमता रहा। कुछ देर बाद टाइगर स्वयं ही वापस जंगल की ओर चला गया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया था।
वन विभाग का कहना है कि बाघों का प्राकृतिक आवास जंगल है, लेकिन मंदिर मार्ग जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। विभाग ने लोगों से अपील की है कि मंदिर मार्ग पर जाते समय नियमों का पालन करें और वनकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।