Sawai Madhopur School Timing: तपती धूप और लू के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर आखिरकार जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग हरकत में आया है।
सवाईमाधोपुर। तपती धूप और लू के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर आखिरकार जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग हरकत में आया है। जिला कलक्टर काना राम के निर्देश पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसारिया ने आदेश जारी कर सवाईमाधोपुर जिले के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से आठवीं तक की कक्षाएं अब सोमवार से सत्रांत तक सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित करने का निर्णय किया है।
वहीं, नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं और चल रही परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय पर ही होंगी। आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय निर्देशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान पत्रिका ने 25 अप्रेल के अंक में “गर्मी में झुलसते नौनिहाल: स्कूलों में समय बदलने का कर रहे हैं इंतजार” शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर दिलाया था। रिपोर्ट में बच्चों की कठिनाइयों और अन्य जिलों में समय परिवर्तन का उल्लेख किया था। इसके बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने रविवार को आदेश जारी कर स्कूलों का समय बदल दिया।
भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चे दोपहर दो से तीन बजे तक घर लौटने को मजबूर थे। इस दौरान वे पूरी तरह गर्म हवाओं के बीच रहते थे और कई बार सिरदर्द, आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करते थे। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को घर पहुंचने में आधा से एक घंटा लग जाता था।
इस माह का अंतिम सप्ताह जिले के लिए तपते अंगारों जैसा साबित हो रहा है। सुबह से ही सूरज आग बरसाने लगता है और दोपहर तक हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, बाजारों में रौनक गायब हो जाती है और कामकाजी लोग पसीने से तर-बतर होकर लौटते हैं।
गर्मी का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोग, मधुमेह व उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि लू और गर्म हवाओं के कारण सिरदर्द, आंखों में जलन, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों में इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला मुख्यालय पर रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और तपती हवाओं ने लोगों को झुलसा दिया। वहीं शाम को भी रातें गर्म होने लगी है। शहर के बाजारों में दोपहर के समय ग्राहकों की कमी साफ दिखाई देती है। दुकानदार बताते हैं कि लोग अब सुबह या शाम को ही खरीदारी के लिए निकलते हैं। पानी और ठंडे पेय पदार्थों की खपत बढ़ गई है। बिजली की मांग भी चरम पर है, जिससे कई इलाकों में कटौती का सामना करना पड़ रहा है।