Indian Railways: स्वर्ण मंदिर मेल में सवाईमाधोपुर और रणथंभौर स्टेशन के बीच चेन पुलिंग की घटना ने रेल प्रशासन को चौंका दिया। सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर हुई घटना में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति नहीं थी।
सवाईमाधोपुर। राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। रेल संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाला अधिकारी ही बाधा बन गया। लेकिन, आरपीएफ ने पकड़ा तो रेलवे अधिकारी की पोल खुल गई। दरअसल, स्वर्ण मंदिर मेल में सवाईमाधोपुर और रणथंभौर स्टेशन के बीच अचानक चेन पुलिंग की घटना ने रेल प्रशासन को चौंका दिया। सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर हुई इस घटना में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति नहीं थी।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़कर गंगापुर सिटी चौकी पहुंचाया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पंकज कुमार मीणा निवासी ग्राम मैनापुरा थाना भुसावर जिला भरतपुर बताया। उसने स्वयं को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय कोटा में डिप्टी कंट्रोलर पद पर कार्यरत होना स्वीकार किया।
जांच में सामने आया कि वह कोटा से हिंडौन की यात्रा कर रहा था और पैट्रीकार में सी एण्ड डब्ल्यू एवं इलेक्ट्रिकल विभाग के लिए आरक्षित डिब्बे में बैठा हुआ था। रेल कर्मचारियों के मना करने पर उसने आवेश में आकर चेन पुलिंग कर दी।
जांच के दौरान उसके पास कोई वैध टिकट या अधिकार पत्र नहीं पाया गया। आरपीएफ ने उसके विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 141, 137 एवं 155 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने न केवल रेल प्रशासन की छवि को धक्का पहुंचाया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि नियमों की अनदेखी करने पर कोई भी कर्मचारी कानून से बच नहीं सकता।
इधर, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अवैध मादक पदार्थ, शराब तथा हथियारों की रोकथाम के लिए जीआरपी अजमेर की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रविवार को सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की गई। जीआरपी थानाधिकारी हरिमन मीना ने बताया कि गश्त एवं चेकिंग के दौरान उपनिरीक्षक अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल बनवारीलाल, कांस्टेबल रोहिताश और कांस्टेबल महावीर की टीम ने प्लेटफार्म नंबर एक पर कोटा साइड पार्सल ऑफिस के पास गोविंदा उर्फ कल्लू पासी निवासी रंग तालाब, कोटा को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक प्लास्टिक कट्टे में रखी सफेद कैन से करीब 3 लीटर अवैध देशी हथकढ़ शराब बरामद की गई।