Chambal Sanctuary: नए पर्यटन सत्र से यहां आने वाले पर्यटकों को बाघों का दीदार और चंबल में बोटिंग का लुत्फ एक साथ मिलेगा।
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर में जल्द ही पर्यटन को नया आयाम मिल सकता है। नए पर्यटन सत्र से यहां आने वाले पर्यटकों को बाघों का दीदार और चंबल में बोटिंग का लुत्फ एक साथ मिलेगा। वन विभाग की ओर से इस संबंध में तैयारी भी शुरू कर दी गई है। आगामी एक अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को कॉम्बो टिकट की सुविधा मिलेगी।
वन अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से रणथम्भौर और चंबल घड़ियाल अभयारण्य को मिलाकर एक कॉम्बो टिकट जारी करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस संबंध में हाल ही में प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय को भिजवाया गया है। यह योजना लागू होने पर कॉम्बो टिकट बुक कराने पर चंबल अभयारण्य की एंट्री फीस को माफ करने की योजना है। ताकि पर्यटकों को इस कॉम्बो टिकट योजना के प्रति आकर्षित किया जा सके।
रणथम्भौर और चंबल घड़ियाल अभयारण्य के कोम्बो टिकट की योजना पर पूर्व में विचार किया जा चुका है। 2022-23 में वन विभाग की जयपुर में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस पर चर्चा की गई थी और इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश तत्कालीन वन अधिकारियों को दिए गए थे। अधिकारियों का तबादला होने के कारण मामला अटक गया था। एक बार फिर से कवायद की गई है।
रणथम्भौर में पर्यटकों की सुविधा के लिए अब कॉम्बो टिकट जारी करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। आगामी पर्यटन सत्र से इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है।
-प्रमोद कुमार धाकड़, उपवन संरक्षक पर्यटन, रणथम्भौर बाघ परियोजना