
Mandi News: सवाईमाधोपुर । कृषि उपज मंडी इन दिनों बंपर आवक से सराबोर है। सुबह से लेकर देर रात तक ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप की कतारें मंडी परिसर में दिखाई दे रही हैं। सरसों सहित कई फसल से भरे वाहन मंडी गलियारों में रौनक तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन इस रौनक के बीच मंडी का कामकाज पल्लेदारों की भारी कमी से ठप पड़ने जैसा हो गया है।
किसानों की मेहनत से पैदा हुई फसल मंडी में खड़ी है, पर तुलाई और छनाई का काम अटकने से बिक्री रुक गई है। किसान घंटों लाइन में खड़े होकर इंतज़ार कर रहे हैं, वहीं व्यापारी माल की उठान न होने से नुकसान की आशंका में हैं।
वर्तमान में मंडी में केवल 125 पल्लेदार ही कार्यरत हैं, जबकि संचालन के लिए ज़रूरत करीब 500 की है। तुलाई और छनाई का काम समय पर न हो पाने से किसान घंटों इंतज़ार करने को मजबूर हैं।
कई किसान सुबह से लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आ पाता। मेहनत से उगाई गई फसल मंडी में खड़ी है, लेकिन तुलाई न होने से बिक्री अटक गई है।
व्यापारी बताते हैं कि माल की छनाई और उठाव न होने से गुणवत्ता प्रभावित होती है। समय पर माल न उठने से भंडारण की समस्या बढ़ रही है और बाज़ार में बिक्री पर असर पड़ रहा है। व्यापारी मंडी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पल्लेदारों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए, ताकि कारोबार सुचारु रूप से चल सके।
पल्लेदारों की कमी को लेकर पूर्व में व्यापारियों ने मंडी सचिव और अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बावजूद पल्लेदारों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है।
व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता से मंडी का कामकाज प्रभावित हो रहा है और किसान–व्यापारी दोनों ही नुकसान झेल रहे हैं।बंपर आवक के बीच पल्लेदारों की कमी अब मंडी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो किसानों की मेहनत और व्यापारियों का कारोबार दोनों प्रभावित होंगे।
कृषि उपज मण्डी में इन दिनों सरसों की बंपर आवक हो रही है लेकिन पल्लेदारों की कमी है। मण्डी में इन दिनों केवल सवा सौ ही पल्लेदार कार्यरत है जबकि 500 पल्लेदारों की आवश्यकता है। पल्लेदारो की कमी की समस्या को लेकर पूर्व में सचिव व एडीएम को भी अवगत कराया था लेकिन अब तक संख्या नहीं बढ़ी है।
Updated on:
13 Mar 2026 06:17 pm
Published on:
13 Mar 2026 06:15 pm
बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
