रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का बाघ गणेश (टी-120) पिछले एक माह से बीमारी से जूझ रहा है। उसका एक कैनाइन भी टूट चुका है। चिकित्सकों के अनुसार बाघ बीमार तो है, लेकिन लगातार मूवमेंट कर रहा है। ऐसे में विभाग ने गणेश के फोटो देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआइआइ) के विशेषज्ञों को भेजे हैं।
Sawai madhopur: रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का बाघ गणेश (टी-120) पिछले एक माह से बीमारी से जूझ रहा है। उसका एक कैनाइन भी टूट चुका है। चिकित्सकों के अनुसार बाघ बीमार तो है, लेकिन लगातार मूवमेंट कर रहा है। ऐसे में विभाग ने गणेश के फोटो देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआइआइ) के विशेषज्ञों को भेजे हैं। हालांकि वनविभाग ने बाघ के बोन ट्यूमर होने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन एहतियात के तौर पर बाघ की मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। बाघिन एरोहेड की मौत के बाद फिर से अन्य बाघों के जीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
वनविभाग के अनुसार सर्वप्रथम नौ मई को बाघ के दांये पैर के ऊपर गर्दन की तरफ एक निशान देखा गया था। इस दौरान पाया कि बाघ का एक कैनाइन भी टूटा है। इसके बाद से ही मॉनिटरिंग की जा रही है।
विभाग का कहना है कि यह निशान सूजन भी हो सकती है। हालांकि अभी तक बाघ का उपचार करने का फैसला नहीं किया गया है। मूवमेंट के अनुसार बाघ को स्वस्थ बताया जा रहा है।
वनविभाग फिलहाल डब्ल्यूआइआइ की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। यदि फोटो में बाघ को किसी बीमारी का अंदेशा होता है अथवा बाघ को कोई परेशानी होती है तो बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों के अनुसार ब्लड़ सैंपल लेकर उसे देहरादून जांच के लिए भेजा जा सकता है।
बाघ गणेश के फोटो डब्ल्यूआइआइ भिजवाए गए हैं। देहरादून के चिकित्सकों के दिशा-निर्देश के अनुसार बाघ की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। फिलहाल मूवमेंट के दौरान बाघ स्वस्थ नजर आ रहा है।
अनूप के आर, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना