7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Sawaimadhopur: रणथम्भौर से बाघिन एरोहैड की मादा शावक रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट, मिशन पूरा

रणथम्भौर से मंगलवार को बाघिन एरोहैड टी-84 की मादा शावक को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। मादा शावक को शेरपुर के अधीन आने वाले वन क्षेत्र में ट्रेकुंलाइज कर शिफ्ट किया है।

2 min read
Google source verification

वन विभाग के पिंजरे में बाघिन, पत्रिका फोटो

Rajasthan: रणथम्भौर से मंगलवार को बाघिन एरोहैड टी-84 की मादा शावक को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मादा शावक को शेरपुर के अधीन आने वाले वन क्षेत्र में ट्रेकुंलाइज कर शिफ्ट किया है। इससे पहले शावक को रेडियो कॉलर भी लगाया गया।

इस दौरान रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक डॉ. रामानंद भाकर, वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. सीपी मीणा, डॉ. राजीव गर्ग, निखिल शर्मा, महेश शर्मा, फील्ड बॉयोलोजिस्ट मोहम्मद मैराज, क्षेत्रीय वनाधिकारी अश्विनी प्रताप आदि मौजूद थे।

चार दिन बाद मिली सफलता

रणथम्भौर से बाघिन एरोहैड की मादा शावक को शिफ्ट करने के लिए पिछले चार दिन से प्रयास किए जा रहे थे। वहीं एक नर शावक को पहले ही करौली-धौलपुर टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जा चुका है। जबकि एक मादा शावक को भिड़ एनक्लोजर में छोड़ रखा है। इसे भी जल्द ही कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जा सकता है।

तीनों शावक अलग-अलग टाइगर रिजर्व में शिफ्ट

तीनों शावकों को प्रदेश के अलग-अलग टाइगर रिजर्व में शिफ्ट करने की अनुमति पूर्व में ही नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथॉरिटी की ओर से दी जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि बाघिन एरोहैड के मादा-नर शावकों ने गत दिनों तीन जनों की जान ले ली थी। इसके बाद ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

यह भी पढ़ें: जंगल में बंद गाड़ी से टाइगर सफारी… जानें, आइओसीएल ने क्यों दी एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की जमीन