गर्भाशय के ना होने से बढ़ सकता जान को खतरा चिकित्सकों ने कहा जरूरी होता है मासिक धर्म का होना भारत में इस जगह की महिलाएं निकाल रही हैं अपना गर्भ
नई दिल्ली। महिलाओं में मासिक धर्म का होना बेहद जरूरी माना जाता है और कुछ महिलाएं इसी मासिक धर्म को मुसीबत मानने लगती हैं। कभी-कभी तो इसे बीमारियों का घर भी समझ बैठती हैं। जिसके कारण अधिकतर महिलाएं समय पूरा होने से पहले ही अपना गर्भाशय निकलवा लेती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्भाशय ( uterus ) को तभी निकलवाना चाहिए जब यूट्रस में कैंसर ( cancer ) या अन्य किसी तरह की जानलेवा बीमारी का खतरा हो। क्योंकि महिलाओं में मासिक धर्म का होना अत्यधिक जरूरी है। इससे शरीर के हॉर्मोंन ( hormone ) संतुलित रहते हैं, जिस कारण शरीर कई बीमारियों से बचा रहता है। हाल ही में एक ऐसी खबर भी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि भारत ( india )के एक राज्य (मध्यप्रदेश) में गरीबी के कारण अधिकतर महिलाएं अपने गर्भाशय को निकलवा रही हैं। जिनमें से अधिकतर महिलाएं कम उम्र की हैं।
गर्भाशय के निकाल देने से शुरू होती हैं ये परेशानियां
विशेषज्ञों (expert ) का कहना है कि गर्भाशय के निकालने से हार्मोन के असंतुलन से संबंधित परेशानी शुरू हो जाती है। इतना ही नहीं, कई महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं। गर्भाशय को निकालने के कई साइडइफे्क्ट होने लगते हैं। कम उम्र की महिलाएं बिना किसी वजह से यूट्रस को निकलवा देती हैं जो आगे चलकर उनकी सेहत के लिए सही नहीं होता है। इससे गर्भाशय में संक्रमण पेल्विक सूजन, PID और गर्भाशय में कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है।
गर्भाशय के कार्य
-मासिक चक्र को सुचारु रूप से चलाने और हार्मोन संतुलन को बनाए रखता है।
-यह निषेचन के बाद बने भ्रूण को आश्रय प्रदान करता है।
-इसका कार्य भ्रूण को पोषण प्रदान करना होता है।
-यह भ्रूण को सुरक्षा प्रदान करता है।
-भ्रूण विकास में सहायता करता है।
-z ygote प्रत्यारोपण में अपनी अहम भूमिका निभाता है।