
विसकॉनसिन स्थित एक टेक्नोलॉजी कंपनी के प्रेसिडेंट पैट्रिक मैकमुलेन और उनकी टीम ने बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से एक ऐप तैयार किया है जिसका नाम ‘मॉम आइएम ओके’ रखा है। इस ऐप को जल्द ही लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। ऐप से स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा का पूरा खयाल रखेगा। स्कूलों में आए दिन होने वाली गोलीबारी की घटनाओं, बच्चों के गुम होने और दूसरे तरह की आपराधिक घटनाओं से बच्चों को होने वाले खतरों से बचाया जा सकेगा। इससे अभिभावकों को उस वक्त परेशान नहीं होना पड़ेगा जब उनका बच्चा स्कूल या किसी दूसरे काम से बाहर गया होगा। ‘मॉम आइएम ओके’ ऐप की मदद से माता-पिता बच्चों की रह गतिविधि पर नजर रख सकेंगे।
बच्चे के पास जिस फोन में ऐप होगा उससे माता-पिता को लगातार सूचना मिलती रहेगी। ऐप सवाल पूछेगा कि क्या आपका बच्चा सुरक्षित है। परिवारीजन सवाल का जवाब नहीं देते हैं तो ऐप में रजिस्टर्ड दूसरे नंबर पर अलर्ट मैसेज जाने लगेगा। यहां से भी कोई जवाब नहीं मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट चला जाएगा। ऐप में जियोफेंसिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है। इसके तहत बच्चा जब अपने निर्धारित क्षेत्र से इधर-उधर जाता है तो इसकी सूचना भी अभिभावकों को मिलेगी। जैसे बच्चा जिस कैब या बस से स्कूल जा रहा है और अचानक से रास्ता बदल लिया तो अभिभावकों को अलर्ट मैसेज जाने लगेंगे। इस ऐप का सबसे अधिक फायदा बच्चों के अपहरण की घटनाओं को रोकने में मिलेगा।
पुलिस को भी फायदा
साइकोलॉजिस्ट और चाइल्ड डेवलपमेंट एक्सपर्ट लिजा डैमोर का मानना है कि समय के साथ पूरी दुनिया में असुरक्षा की स्थिति पैदा हो रही है। बच्चों की सुरक्षा के लिए इस तरह के ऐप फायदेमंद है और इसके प्रयोग से किसी को परहेज नहीं करना चाहिए। ऐप बच्चों और अभिभावकों के भीतर डर और भय को खत्म करने का काम करेगा।