
नई दिल्ली। खाराब खान-पान और बिगड़ते जीवन स्तर के कारण अधिकतर लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इनमें कैंसर ( cancer ) भी है।
हाल ही में एक अध्ययन हुआ है, जिसमें कहा गया है कि एक अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2040 तक हर साल 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को कीमोथैरेपी ( chemotherapy )करवाने की जरूरत पड़ेगी। अध्ययन के अनुसार- निम्न और मध्यम वर्ग के देशों के लोगों में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में कैंसर का इलाज करने के लिए और डॉक्टरों की जरूरत पड़ेगी।
यह अध्ययन 'लांसेट ऑन्कोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि 2018 से 2040 तक कैंसर के मरीजों की कीमोथैरेपी करवाने में 53 प्रतिशत वृद्धि होगी। यह मौजूदा आंकड़े 98 लाख से 1.5 करोड़ हो जाएगी। सिडनी ( sidney )की यूनिवर्सिटी( university )और ऑस्ट्रेलिया ( austrilia )के इंगहैम इन्स्टीच्यूट फॉर अप्लाइड मेडिकल में हुए शोध अनुसार किंगहार्न कैंसर सेंटर, लिवरपूल कैंसर थैरपी सेंटर ओर इंटरनैशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के शोधकर्ताओं ने मिलकर यह शोध किया।
बता दें कि यूएनएसडब्ल्यू के शोधकर्ता ब्रुक विल्सन के अनुसार दुनिया में जिस तरह से कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, निसंदेह आज के समय में चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा संकट बना हुआ है। इसके लिए वर्तमान और भविष्य में सुरक्षित रहने के लिए विश्व स्तर पर चिकित्सा क्षेत्र में कार्यबल तैयार करने की रणनीति बनानी होगी।