हार्ट अटैक से निपटने का मिल गया रास्ता रासायन की मदद से संभव है अमरीका के न्यूरोसाइंस किया शोध
नई दिल्ली। इंसानों में सबसे ज्यादा हार्ट अटैक की बीमारी सबसे खोफनाक बीमारी बनी हुई। क्योंकि ये कभी भी किसी को भी कहीं भी आ जाता है। जिसके कारण व्यक्ति की मौत हो जाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
वैज्ञानिकों ने ऐसी खोज की है जिससे इंसान की अकस्मात होने वाले हार्ट-अटैक से बचा जा सकता है। अमरीका (amrica ) के येल यूनिवर्सिटी ( university ) के शोधकर्ताओं ने मृत कोशिकाओं को जीवित करने का रास्ता ढूंढ लिया है।
अमरीका के न्यूरोसाइंस ( neuroscience ) डिपार्टमेंट के प्रोफेसर नेनाद सेस्टन ने बताया कि ऐसा एक रासायन ( chemical ) की मदद से संभव हो पाया है। इस रासायन से चार घंटे पहले dead pig के दिमाग को आधा जिंदा किया गया था। उनका कहना था कि दिमाग के अंदर का हिस्सा सर्कुलेट हो, इसके लिए कोशिकाओं का पुनर्जीवित होना जरूरी है।
अमरीका की यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए शोध में न्यूरोसाइंस डिपार्टमेंट के दूसरे प्रोफेसर वोनिमीर वरसेल्जा ने इस रिसर्च को चिकित्सा ( medical ) के क्षेत्र के लिए बेअसर बताया है।उनका कहना है कि इस प्रयोग के माध्यम से दिमाग का पुनर्जिवित होना नहीं कहा जा सकता। क्योंकि इसमें सोचने और समझने की श्रमता नहीं है। इसके सेल्स के एक्टिव होने की वजह से सेल्यूलर एक्टिव ब्रेन कहा जा सकता है। लेकिन इसको नेचर जर्नल में ही प्रकाशित किया जाएगा।
दरअसल, इस शोध को ब्रेन स्ट्रोक और दुर्घटना में मस्तिष्क की कोशिकाओं की क्षतिपूर्ति में इस तकनीक का इस्तेमाल करने में किया जा सकता है।