
नई दिल्ली। शराबियों को भले ही अच्छा नहीं समझा जाता, लेकिन एक अध्ययन में पीने वालों के बारे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इसके अनुसार- पिछले 27 साल में शराब पीने वालों की संख्या में तेजी से बढोतरी हुई है। अध्ययन में कहा गया है कि साल 2010 से 2017 के बीच शराब ( drink ) पीने वालों की संख्या में 30 प्रतिशत ( प्रतिशत ) से भी अधिक की वृद्धि हुई है। वहीं विश्व स्तर की बात करें, तो 1990 के बाद शराब का उपभोग करने वालों की संख्या में 70 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
यह अध्ययन द लांचसेट में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के अनुसार- 1990 से 2017 के अंतराल में सौ से अधिक देशों में शराब का उपभोग बढ़ा है।
अध्ययन में चिंता जाहिर की गई है कि अगर यही स्थिति रही, तो कहा जा सकता है कि विश्व सही दिशा में नहीं जा सकता। सन 2030 तक स्थित और भी बदतर हो सकती है। जर्मनी ( germani ) में टीयू ड्रेसडेन के शोधकर्ता की ओर से इक्कठा किए गए आकड़ों से पता चलता है कि 2010 से लेकर 2017 के बीच भारत ( india ) में शराब की खपत 30 फीसदी बढ़कर हर साल 4.3 से 5.9 लीटर प्रति व्यक्ति है।
गौरतलब है कि अमरीका ( amrica ) में शराब की खपत में 9.3 से बढ़कर 9.8 लीटर और चीन में 7.1 से बढ़कर 7.4 लीटर हुई है। अध्ययन के अनुसार- वर्ष 1990 के बाद से पूरे विश्व में शराब के उपभोग की दर 70 प्रतिशत बढ़ी है। पीने वालों की संख्या के हिसाब से ये आकड़ा 1990 में 2099.9 करोड़ लीटर था, जो 2017 में बढ़कर 3567.6 करोड़ हो गया है।