
नई दिल्ली। दुनिया भर में प्लास्टिक (plastic ) का कचरा पर्यावरण ( Envirment )को प्रदूषित( pollution )करने का अहम मुद्दा बना हुआ है। इससे निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ तक कई योजनाएं बना चुका है। हालांकि अभी तक इस समस्या का पूरी तरह से हल नहीं निकल पाया है। लेकिन बेगलुरु ( bangluru ) में सरकार ने इस मुद्दे पर पहल करते हुए प्लास्टिक और वेस्ट गार्बेज को कम्पोस्ट ( compost) करके खाद बनाने की योजना बनाई है। जिसको 'स्वच्छ गृह' का नाम दिया गया है अगर यह सफल होती है, बाद में उसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेट (managment )के एक अधिकारी के अनुसार- इससे पहले भी कचरे का निस्तारण के लिए छोटा-सा प्रयास किया गया था जो विफल रहा। लेकिन नई योजना के तहत घरों से निकलने वाले गीले कचरे से खाद कंपोस अनिवार्य करने पर विचार किया जा रहा है। अगर इस प्रस्ताव को कर्नाटक ( Karnatak ) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मंजूरी देता है, तो इसे तुरंत लागू कर दिया जाएगा। बता दें कि बीबीएमपी ने गीले कचरे के प्रसंस्करण के लिए हर एरिए के हर वार्ड में कंपोस्टर्स स्थापित करने की योजना बनाई है। उनके अनुसार- बीबीएमपी ( ब्रुहट बंगाल-ओरु महानगर पालिका ) की इस योजना का मकसद नागरिकों को पर्यावरण सवच्छता के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार बनाना है।
किसानों को होगा ये फायदा
केएसपीसीबी के चेयरमेंन के अनुसार इस प्रोसेस के जरिए बनाई जाने वाली खाद किसानों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराई जाएगी। यह एक किस्म से शुद्ध ओरगेनिंक खाद होगी। इससे किसानों की खाद की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।