सीहोर

बंगाली डॉक्टर को बचाने उतरा पूरा गांव! स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की टीम का किया घेराव, मचा बवाल

MP News: अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई के दौरान बंगाली डॉक्टर ने ग्रामीणों को बुलाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को घेर लिया। क्लिनिक बिना सील किए वापस लौटी टीम।
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Nov 01, 2025
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health department team surrounded during sealing illegal clinic of fake doctor (फोटो- सोशल मीडिया)

bengali doctor illegal clinic: सीहोर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर कार्रवाई शुरु की गई है। शुकवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया की तरफ से गठित दल श्यामपुर विकासखंड में कार्रवाई करने पहुंचा।

स्वास्थ्य विभाग की टीम (health department team) को कार्रवाई के दौरान चरनाल गांव में एक बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर ग्रामीणों ने घेर लिया, मामला बढ़‌ते देख स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मदद के लिए अहमदपुर थाने से पुलिस बुलाई। स्वास्थ्य विभाग के दल ने सीएमएचओ डॉ. डेहरिया को जांच प्रतिवेदन भेजकर बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर कार्रवाई करने से रोकने वाले ग्रामीणों और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कराने की सिफारिश की गई है।

चरनाल में बनी विवाद की स्थिति

अहमदपुर में कार्रवाई करने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम चरनाल गांव पहुंची, यहां पर बंगाली डॉक्टर का क्लीनिक मिला। अप्रशिक्षण बंगाली डॉक्टर का नाम तपन कुमार विश्वास बताया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनसे एलोपैथी में उपचार करने संबंधी दस्तावेज और डिग्री मांगी तो यह इनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिले। डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि बंगाली डॉक्टर ने कार्रवाई करने से टीम को रोकते हुए ग्रामीण बुला लिए।

ग्रामीणों ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए अवैध क्लीनिक को सील करने से रोका, जिसे लेकर सुरक्षा की दृष्टि से अहमदपुर थाने से पुलिस बुलाई। घटना के बारे में एसडीओपी और एसडीएम को बताया गया। डॉ. मेहर का कहना है कि उन्होंने पूरी वारदात को लेकर प्रतिवेदन सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डहेरिया को भेज दिया है। बंगाली डॉक्टर के खिलाफ क्लीनिक सील कर एफआइआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई है।

जिले में 140 से ज्यादा अप्रशिक्षण डॉक्टर के क्लीनिक

जिले में 140 से ज्यादा अप्रशिक्षण डॉक्टर क्लीनिक चला रहे हैं। यह अपने क्लीनिक पर न केवल मरीजों को परामर्श देते हैं, बल्कि भर्ती कर उपचार भी करते हैं। पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनके खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान एक-एक कमरे, घर की गैलरी, दुकानों में बेड पर मरीजों को भर्ती कर उपचार करते मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम जिस समय कार्रवाई करती है, यह क्लीनिक बंद कर लेते हैं, लेकिन जैसे ही कार्रवाई बंद होती है, यह फिर से खोल लेते हैं। कुछ दिन पहले बरखेड़ी में तो अवैध रूप से एक नर्सिंग होम संचालित होते मिला था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने सील किया। (mp news)

Published on:
01 Nov 2025 03:00 pm