सीहोर

18 हजार की मांग पूरी नहीं हुई तो शुरू होगा पोल-खोल आंदोलन

आशा, उषा ने ट्रामा सेंटर के सामने प्रदेश सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

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Jul 12, 2018
18 हजार की मांग पूरी नहीं हुई तो शुरू होगा पोल-खोल आंदोलन

सीहोर। आशा, उषा से सरकार नौकरी के नाम पर बंधुआ मजदूरी करा रही है। आशा, उषाओं ने बीते कई सालों से सरकारी कर्मचारी घोषित करने और वेतन 18 हजार रूपए करने की मांग को अनसुना किया जा रहा है। मांगों को लेकर आशा, उषा ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया तो पोल-खोल आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रदेश स्तरीय आव्हान पर आशा उषा एवं आशा सहयोगिनी एकता यूनियन ने गुरूवार दोपहर में ट्रामा सेंटर तिराहा पर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। आशा उषा एवं आशा सहयोगिनी एकता यूनियन सीटू की जिला महासचिव ममता राठौर के नेतृत्व में आशाओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। आशाओं का कहना था कि मुख्यमंत्री केवल आश्वासन ही दे रहे हैं। उसके आगे की प्रकिया कब पूरी होगी, इस बात की जानकारी नहीं दी जा रही।

हम लगातार उनसे मांगों को पूरा करने के लिए कह रहे है। कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। पर, यह सब आश्वासन तक की सीमित होकर रह गया। हर बार एक नया आश्वासन देकर हमें समझा दिया जाता है। पर, इस बार हमें अपनी मांगे पूरी करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। पोल खोल आंदोलन भी उसी का एक हिस्सा है।

जबकि आशाओं और उषाओं से एक हजार रुपए मासिक में बंधुवा मजदूरी कराई जा रही है। जो कि उनके काम के हिसाब से बहुत कम हैै। आशाओं द्वारा अब तक हर स्तर पर प्रदर्शन कर सरकार से मांग पूरी किए जाने निवेदन किया गया, लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। आशाओं ने कहा कि मांग नहीं मानी जाती है सरकार की पोल-खोल आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगी। प्रदर्शन में अनिता राठौर, सरिता राठौर, रेखा परमार, भारती राठौर, कलाबाई, मनीषा मालवीय, नीतू राठौर, मीना राठौर, निशा, सुनीता, गोमती, पूनम आदि शामिल थीं।

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Published on:
12 Jul 2018 05:09 pm
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