अस्पताल में कभी न करें ये काम, भरना पड़ सकता है जुर्माना
सीहोर। हमें अपने घर के साथ-साथ, आस-पास की जगह की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। खासकर तब, जब बात अस्पतालों की हो। अस्पतालों में सफाई का प्रतिशत और अधिक बढ़ जाता है। अस्पतालों में लगातार बीमार व्यक्तियों की आवक-जावक बनी ही रहती है।
उनके साथ उनके घर वाले भी आते है। जो स्वस्थ होते है। अस्पतालों में डांक्टरर्स के अलावा भी कई कर्मचारी होते है, जो वहां काम करते हैं। ऐसे में जीवाणु और विषाणु अन्य व्यक्तियों के पास न पहुंचे। इस हेतू अस्पतालों में सफाई का विशेष ध्यान देना चाहिए।
इसी को ध्यान में रखते हुए सीहोर जिला अस्पताल में अब कोई गंदगी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया तो उसे हाथों-हाथ जुर्माना देना होगा। सफाई सुपर वाइजर्स को रसीद कट्टा भी दिया गया है। जिससे जब वह गंदगी करने वाले व्यक्ति को देखें तो तुरंत कारवाई कर सकें और हाथों हाथ जुर्माना वसूल सकें।
इस अभियान के तहत लिया गया निर्णय
कायाकल्प अभियान के तहत डॉ.डीआर अहिरवार ने सिविल सर्जन सहित समस्त चिकित्सा अधिकारियों को जिला चिकित्सालय, ट्रामा सेंटर एवं एमसीएच सेंटर को आईएसओ के अनुरूप विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई।
ज्ञात हो कि कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिला चिकित्सालय को आईएसओ सर्टिफाइड कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जाएं। इसे लेकर जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर में विशेष बैठक का आयोजन सीएमएचओ डा. डीआर अहिरवार की अध्यक्षता में किया गया था।
बैठक में सभी चिकित्सा अधिकारियों एवं सिस्टर्स को वार्ड का प्रभार सौंपा गया साथ ही इंफेक्शन कंट्रोल समिति का गठन भी किया गया। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.टीआर उइके, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.एम चंदेल, प्रभारी अस्पताल प्रबंधन संजूलता भार्गव, जिला सलाहकार समर्थन संस्था एवं कायाकल्प शक्ति सिंह सहित अस्पताल में पदस्थ वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ.एए कुरैशी सहित विभागीय चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।