
Sehore forest land encroachment protest:केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के संसदीय क्षेत्र सीहोर स्थित कोसमी गांव में रविवार को हुई वन विकास निगम की कार्रवाई के विरोध में बारेला समाज ने मोर्चा खोल लिया। रविवार रात से शुरू धरना सोमवार को भी जारी रहा। बेघर हुए आदिवासी परिवारों ने दिनभर आदिवासी नेताओं के साथ आगे की रणनीति बनाई। कहा, 14 अक्टूबर तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आदिवासी भोपाल कूच करेंगे।
मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वन, डीजीपी, एसपी व वनमंडल अधिकारी सीहोर व मप्र वन विकास निगम के एमडी को नोटिस थमा तीन दिन में जवाब तलब किया है। इस बीच अतिक्रमण विवाद में बड़ा खुलासा हुआ। वन विभाग ने जिन लोगों को हटाया, उनमें से 12 अतिक्रमणकारियों ने 79 एकड़ जमीन पर कब्जा किया है। जमीन का बाजार भाव 7.80 करोड़ रुपए है। कब्जाने वालों में सिंहपुर गांव का पूर्व सरपंच बिक्रम सिंह भी है। गांव में उसका पक्का मकान है। अन्य 8 लोगों के पास भी बाइक, बड़े वाहन और पक्के मकान हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह और मोहन सरकार के बीच रविवार को हुए टकराव को शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश संगठन से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। बताते हैं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सीएम डॉ. मोहन यादव, शिवराज और सीएस अशोक बर्णवाल से व्यक्तिगत बातचीत के मामला समझा और रिपोर्ट दिल्ली भेजी है। बता दें, शिवराज अपने संसदीय क्षेत्र में कोसमी गांव में वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ गए थे।
राजाभोज एयरपोर्ट पर सोमवार को एयर इंडिया की दिल्ली उड़ान 50 मिनट लेट हो गई। विमान एआइ 1886 रनवे पर खड़ा था। यात्री सवार थे। सुबह 8.40 बजे टेकऑफ होने वाला था, लेकिन वीआइपी मूवमेंट के कारण पर ही विमान खड़ा रहा। यात्री परेशान होते रहे, प्रबंधन ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आखिरी बोर्डिंग केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह की हुई।
जिस जमीन पर कब्जा है, वह काली और भुरभुरी है। खेती के लिए मुफीद है। वन विकास निगम का दावा है कि इस जमीन पर एक पानी में गेहूं व चना की फसल पक जाती है। इसलिए ऐसी सभी रिजर्व जमीनें माफिया की नजर में है। इधर, सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में कहा,मामले की जांच होगी। दूध का दूध, पानी का पानी होगा।