Mothers Day Special : मां ने आंसू छिपाए, बच्चों के सपनों को टूटने नहीं दिया। 22 साल की उम्र में पति को खोया, संघर्षों से बच्चों की सफलता की नई कहानी लिखी।
Mothers Day Special : महज 22 साल की उम्र… तीन छोटे-छोटे बच्चों का साथ और अचानक सिर से पति का साया उठ जाना। आमतौर पर लोगों को उनकी जिंदगी जिस उम्र में सपने दिखाती है, उस उम्र में रामसखी राय की जिंदगी ने उन्हें कठिन संघर्षों के बीच खड़ा कर दिया। लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी। आंखों में आंसू थे, मगर दिल में सिर्फ एक संकल्प ये कि 'मैं बच्चों का भविष्य नहीं टूटने दूंगी।' आज मदर्स-डे के अवसर पर हम जानेंगे एक मां के संघर्षों पर खड़ी हुई उनके तीन बच्चों की सफलता की कहानी।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के ग्राम बीसावाड़ी की रामसखी राय आज संघर्ष, त्याग और मातृत्व की ऐसी मिसाल बन चुकी हैं जो हर मां को प्रेरणा देती है। उनके पति जसवंत सिंह राय का निधन 29 साल की उम्र में हो गया था। एक छोटे किसान परिवार की युवा महिला पर अचानक पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई।
गांव की सीमित परिस्थितियों और आर्थिक परेशानियों के बीच रामसखी ने बच्चों की परवरिश और शिक्षा को ही अपनी जिंदगी का उद्देश्य बना लिया। उन्होंने अनुशासन, संस्कार और पढ़ाई को बच्चों की सबसे बड़ी ताकत बनाया।
रामसखी कहती हैं कि, 'पति के जाने के बाद जिंदगी बिल्कुल खाली लगने लगी थी। लेकिन, बच्चों के चेहरे देखकर खुद को संभाल लिया। तभी तय कर लिया था कि, इन्हें पढ़ाकर ही दम लूंगी।'
उनकी मेहनत रंग लाई। बड़ी बेटी मौसमी राय का चयन पांचवीं कक्षा में ही नवोदय विद्यालय में हो गया। पढ़ाई में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आज वो भोपाल में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। जबकि, छोटी बेटी कोसमी राय मध्य प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और बेटा डॉ. दीपक राय शोध लेखन और जनसंचार के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं।
रामसखी बताती हैं कि, 'कई बार हालात इतने कठिन हो गए कि, खुद की जरूरतों को पीछे रखना पड़ा, लेकिन बच्चों की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। मैं चाहती थी कि, मेरे बच्चों को कभी ये महसूस न हो कि, उनके सिर पर पिता का साया नहीं हैं।'
आज जब उनके बच्चे अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता हासिल कर चुके हैं तो रामसखी की आंखों में संतोष के आंसू साफ दिखाई देते हैं। उनमें पति की यादें भी हैं और इस बात का गर्व भी कि, उन्होंने अकेले ही जीवन में संघर्ष कर अपने बच्चों की जिंदगी संवार दी।