कहाँ गए शावक, अफसर परेशान
शहडोल- घुनटघुटी रेंज के कांचोदर बीट में मिला शव बाघ का नहीं बल्कि बाघिन का है। इसकी पुष्टि डॉक्टर्स की टीम ने कर दी है। जिसके बाद अब अफसरों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। क्योंकि कैमरे में बाघिन के साथ 2 शावक भी देखे गए थे। ऐसे में बाघिन की मौत के बाद अब उन दो शावकों की सुरक्षा को लेकर अफसर के बीच हड़कंप मचा हुआ है की आखिर वो दो शावक गए कहां। इतना ही नहीं जिस शव को 5 दिन पुुराना बताया जा रहा था वो 5 दिन पुराना नहीं बल्कि 10 दिन पुराना है। रात भर अफसर बाघ की पहरेदारी करते रहे। घुनघुटी में डॉग स्क्वॉड की टीम सुबह-सुबह ही पहुंच गई। गांवों में लगातार सर्चिंग चल रही है। इतना ही नहीं सर्चिंग के दौरान 2 ग्रामीणों के घर में भी घुसी है डॉग स्क्वॉड की टीम। ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की जा रही है। और इस बात का पता लगाया है जा रहा है की आखिर बाघ का शिकार किसने किया।
घुनघुटी में करंट लगाकर फिर एक बाघ का किया गया शिकार
नहीं थम रहा वन्यप्राणियों के मौत का सिलसिला, 16 दिन में 2 बाघ, 1 बाघिन की मौत
15 दिन के भीतर दो बाघों की मौत के जांच का सिलसिला अभी थमा नहीं था कि घुनघुटी वन परिक्षेत्र में फिर एक बाघिन के शिकार की वारदात ने वन विभाग के मॉनीटरिंग की पोल खोल दी है। वन परिक्षेत्र घुनघुटी के अंतर्गत कांचोदर बीट के नजदीक सोमवार की सुबह आमगार गांव से सटे पहाड़ी के नीचे बाघिन की लाश मिली है। यहां पर शिकारियों ने करंट लगाकर बाघिन का शिकार करने के बाद शव को पहाड़ी के नीचे
फेंक दिया था। सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और डॉग स्क्वॉड के आने तक पूरी तरह एरिया को प्रतिबंधित कर दिया था। अधिकारियों ने संभावना जताई है कि हाल ही में अहिरगवा में बाघिन का मूवमेंट था, जिसे कैमरे में भी ट्रैप किया गया था। संभवत यह बाघिन का शव हो सकता है।
हालांकि रात दस बजे तक वन विभाग के अधिकारी यह पता नहीं कर सके हैं कि शव बाघ का है या बाघिन का। सीसीएफ टीएस चतुर्वेदी, एसडीओ राहुल मिश्र, रेंजर त्रिपाठी सहित कई अधिकारी गांव में घूमकर पूछताछ करते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। १५ दिन के भीतर लगातार 2 बाघ और 1 बाघिन की मौत के मामले ने वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
पेड़ों की डाली और पत्तों से ढका शव
करंट से शिकार के बाद आरोपियों ने बाघिन के शव को नाले के नजदीक फेंक दिया। इतना ही नहीं साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपियों ने बाघिन के शव को पूरी तरह पेड़ों की डाली और पत्तों से ढांक दिया था। जिससे बाघिन का शव क्षत विक्षत भी हो गया है।
खेतों में मिले जीआई तार, संदेहियों से पूछताछ
वन विभाग के अधिकारियों ने आसपास के खेत और गांवों में जाकर पड़ताल की। इस दौरान खेतों में तार बांधने के लिए खंूटे और जीआई तार मिले हैं। टीम ने ग्रामीणों से संदेह के आधार पर पूछताछ कर रही है
लेकिन देर रात तक कोई नतीजा नहीं निकला।
डॉग स्क्वॉड के इंतजार में बीता दिन
घटना की जानकारी सुबह वन विभाग को लग गई थी। वन विभाग ने पूरे एरिया को डॉग स्क्वाड के आने तक प्रतिबंधित कर दिया था। सतना से डॉग स्क्वॉड टीम शहडोल पहुंचनी थी लेकिन रात ९ बजे तक नहीं पहुंची। अंधेरा ज्यादा होने के कारण अधिकारियों ने मंगलवार को मौके पर डॉग स्क्वाड लाने की बात कही है।
विभाग को नहीं भनक, पुलिस ने दी सूचना
वन विभाग की फेल मॉनीटरिंग के चलते बाघिन के शिकार की भनक ही नहीं लगी थी। कई दिन तक शव पहाड़ी के नीचे खराब होता रहा लेकिन सूचना नहीं मिली। पुलिसकर्मी और परिजनों ने एक लापता किशोरी
की सर्चिग के दौरान जंगल में बाघिन का शव देखकर वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। हाल ही में घुनघुटी परिक्षेत्र के अर्जुनी बीट (धौरई) आरएफ 209 में पांच आरोपी शिकारियों के द्वारा करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया था। घटना के बाद डॉग स्वॉकाड की मदद से गुरुवार को ही शिकारियों की गिरफ्तारी की थी।
तीन दिन पहले पत्रिका ने चेताया, फिर नहीं नहीं जागे अफसर
घुनघुटी वन परिक्षेत्र के अलग- अलग जगहों में खेतों में करंट लगाया जा रहा है। वन्यजीवों के शिकार के लिए ग्रामीण रात के वक्त सीधे बिजली लाइन से जीआई तार को जोड़कर खेतों में बिछा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर पत्रिका ने ९ दिसंबर को खेतों में दौड़ रहा करंट, घुनघुटी क्षेत्र में बाघों की जिंदगी पर खतरा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें पत्रिका ने सचेत किया था कि घुनघुटी क्षेत्र में हाल ही में पांच से सात बाघों का मूवमेंट लगातार है। इसके बाद भी वन विभाग के अफसर नहीं सचेत हुए। नतीजन फिर से एक बाघ का करंट लगाकर ग्रामीणों ने शिकार कर लिया।
16 दिन: 2 बाघ 1 बाघिन की मौत और एक तेंदुए का शिकार
संभाग वन्यजीवों के लिए खतरनाक बनता जा रहा है। १६ दिन के भीतर 2 बाघ और 1 बाघिन की मौत हो चुकी है।१६ दिन में ४ वन्यजीवों के मौत के बाद भी विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
इनका कहना है
पाली एसडीओ राहुल मिश्रा के मुताबिक घुनघुटी के कांचोदर आमगार गांव से सटे पहाड़ी के नीचे शव मिला है। करंट से शिकार के बाद शव को यहां फेंक दिया गया है। आसपास के गांवों में पूछताछ की जा रही है। डॉग स्क्वॉड टीम की पतासाजी के बाद ही कोई सुराग मिलेगा। देर रात तक पता नहीं चल सका है कि शव बाघिन का है या बाघ का। साक्ष्य खत्म न हो इसलिए पूरे घटनास्थल को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बाघों की मौत बेहद दु:खद
वाइल्ड लाइफ एक्टविस्ट रवि शुक्ला के मुताबिक 16 दिन में तीन बाघों की मौत बेहद दु:खद है। हम लोगो को ग्रामीणों के माध्यम से पिछले कई दिनों से बाघ की मौजूदगी की खबर मिल रही थी। हमने विभाग से साझा भी किया था, लेकिन विभाग इन बाघों की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हुआ। जंगली जानवरों का करेंट लगाकर शिकार करने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। बाघ विचरण क्षेत्रों से गुजरने वाली विद्युत लाइनों में कोटेड कंसील्ड तारें लगानी चाहिए।