घुनघुटी रेंज में बाघ का शिकार
शहर के कल्याणपुर में बाघ के मौत मामले की मिस्ट्री अभी सुलझी नहीं थी कि शिकारियों ने घुनघुटी रेंज में बांधवगढ़ के बाघ का शिकार करके वन विभाग की सुरक्षा की कलई खोल दी। वारदात घुनघुटी रेंज अंतर्गत धोरई बीट के घघडार जंगल की थी। इस बाघ का शिकार करंट लगाकर किया गया था। शाम को मवेशियों को चराने गई एक महिला ने घघडार के जंगल में बाघ का शव देखा, जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी थी। बाघ के दोनों पैरों में गंभीर चोट के निशान मिले थे। इसके अलावा मुंह में भी चोट मिली ।
गौरतलब है कि पहले कल्याणपुर के पास बाघ मरा हुआ मिला। अभी तक जिसकी पहचान ही नहीं हो सकी है की आखिर वो बाघ था कहां का ? फिर घुनघुटी रेंज में दूसरे बाघ का शिकार हो गया ।इस बाघ की मौत भी करंट लगने से हुई थी। और ये भी मृत अवस्था में ही मिला था। और अब इस तीसरे बाघ की मौत हो चुकी है। ये भी मृत अवस्था में मिला है और इसकी मौत भी करंट लगने से हुई है। अभी हाल ही में
संभाग में एक तेंदुए का भी शिकार हो चुका है।
लगातार हो रहे बाघ की मौत और तेंदुए के शिकार ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कि आखिर हो क्या रहा है। प्रशासन क्या कर रहा है, वन विभाग क्या कर रहा है। वन्य प्राणियों की मौत का सिलसिला आखिर थम क्यों ना रहा है। क्या वन्य प्राणी जंगल में भी अब सुरक्षित नहीं हैं। अब वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े चुके हैं।