- सीडीएस बिपिन रावत का शहडोल से था गहरा नाता, निधन के बाद पूरे विंध्य में शोक..
शहडोल. सीडीएस बिपिन रावत का मध्यप्रदेश के शहडोल से गहरा नाता रहा है। बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत शहडोल सोहागपुर की बेटी थीं। हैलिकाप्टर क्रैश की घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका रावत की मौत के बाद पूरे विंध्य में शोक है। निधन की खबर से हर कोई स्तब्ध है। मधुलिका रावत के भाई यशवर्धन सिंह बताते हैं, बिपिन रावत हमेशा से आदिवासी क्षेत्र शहडोल में सैनिक स्कूल खोलने के लिए प्रयास करने की बात कहते थे। 2012 में रावत यहां आए थे। 10 दिन पहले ही यशवर्धन सिंह की बात बिपिन रावत से हुई थी। उन्होंने परिवार के सदस्यों से वादा किया था कि अगले माह जनवरी 2022 में शहडोल जरूर आएंगे। यशवर्धन कहते हैं, पता नहीं था कि ये वादा हमेशा के लिए अधूरा रह जाएगा।
मां घटना से बेखबर, सेना के अधिकारी लेकर जाएंगे दिल्ली
मधुलिका रावत की मां घटना से पूरी तरह बेखबर हैं। उन्हें टीवी और मोबाइल से दूर रखकर घटना की जानकारी नहीं दी गई। घटना के बाद पूरा परिवार भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हो गया। सोहागपुर स्थित राजा बाग में मधुरिका रावत की मां अकेली हैं। सेना के अधिकारी उनकी मां को लेने के लिए शहडोल पहुंचेंगे। इसके बाद दिल्ली लेकर जाएंगे। भाई यशवर्धन सिंह बेटी के शूटिंग कॉम्पीटिशन की वजह से भोपाल गए थे। हादसे के बाद सेना अधिकारियों के साथ दिल्ली गए हैं।
एक दिन पहले हुई थी बात, कहा था बाहर रहेंगे
परिजनों के अनुसार, अंतिम बार मंगलवार को मधुलिका रावत से बात हुई थी। उन्होने 8 दिसंबर को बाहर रहने की खबर दी थी। पत्नी मधुलिका सिंह अंतिम बार शादी समारोह में 2012 में शहडोल आई थीं। अगले माह जनवरी 2022 में बिपिन रावत के साथ आना प्रस्तावित था।
पैदल घर दौड़ गया, फोटो लाया, कहा- अब दिद्दा की यही है याद
सोहागपुर स्थित राजा बाग में घटना के बाद पूरी तरह सन्नाटा रहा। कई दशकों से काम करने वाले आइतू बैगा को जैसे ही घटना की खबर लगी नि:शब्द हो गया। दौड़ता हुआ कुछ दूरी पर स्थित अपने घर पहुंच गया। यहां से बिपिन रावत और मधुलिका रावत की फोटो ले लाया। आंखों से बहती आंसुओं की धार उसका दर्द बयां कर रही थी। आइतू बताते हैं, बचपन से परिवार से जुड़ा रहा हूं। अब सिर्फ ये फोटो ही दिद्दा की याद है।
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