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डिंडोरी- डिंडोरी में एक बार फिर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान लगे हैं। एक महिला की डिलेवरी मैदान में हुई। डिंडोरी शहर के उद्योग केंन्द्र के पीछे पहाड़ी इलाके वाले मैदान में डिलीवरी हुई। हलांकि आसपास के महिलाओं ने सहयोग किया। और प्रसव के दौरान आदिवासी समरवती बाई बैगा को स्वस्थ्य लड़का हुआ। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया की उन्हें देर रात में डांट लगाकर भगा दिया गया था।
दरअसल पूरा मामला डिंडोरी विकास खंड के चोबीसा ग्राम पंचायत के चूल्हा पानी गांव के रहने वाले बैगा परिवार का है, बताया जा रहा है की कल रात 9.30 बजे समरवती बाई को अचानक पेट में दर्द हुआ जिसे पास के स्वास्थ्य केंद्र किसलपुरी ले जाया गया, वहां पहुंचने पर उस महिला को जननी एक्सप्रेस से जिला अस्पताल भेजा गया। महिला को जिला अस्पताल में देर रात 3 बजे भर्ती किया गया।
बैगा परिवार का आरोप है की इलाज के दौरान समरवती बाई से बुरा बर्ताव वहां की नर्सो के द्वारा किया गया और उसे ये कह कर भगा दिया गया कि महिला के पेट में बच्चा मृत हो गया है। वहीं समरवती को लेकर उसके परिजन देर रात ही जिला अस्पताल से चले गए ,जैसे तैसे भरी ठण्ड में दर्द से कराहती समरवती को उसके सास ,ससुर और माँ गांव की ओर ले जाने लगे तभी डिंडोरी से लगे पहाड़ी इलाके में सुबह तकरीबन 7 बजे समरवती बाई को पुन: पेट में प्रसव दर्द हुआ /प्रसव दर्द की आवाज सुन आसपास की रहने वाली महिलाओं ने अपने घरों से साड़ी और गर्म कपड़े लेकर पहुंची साड़ी की दीवार बनाई और ठण्ड से बचने के लिए भूसे में आग जलाई उसके बाद खुले आसमान में समरवती बाई बैगा ने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद वहीं गांव के लोगों ने जननी एक्सप्रेस को इसकी जानकारी दी । सूचना के बाद मौके पर जननी एक्सप्रेस वाहन पहुंचा और प्रसव हुए महिला और बच्चे को जिला अस्पताल दोबारा भर्ती किया गया। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांच उपरांत कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं ।