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शहडोल में साइबर ठगी पर कसेगी नकेल! सभी थानों में शुरु हुई साइबर डेस्क, तुरंत होगा एक्शन

Cyber Fraud Desk : शहडोल पुलिस ने साइबर अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए जिले के सभी 14 थानों में मंगलवार को साइबर डेस्क शुरू कर दी है। थाना बुढ़ार से शुरू हुई इस पहल का शुभारंभ एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने किया।
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Cyber Fraud Desk
साइबर डेस्क पर तैनात पुलिस जवान (फोटो सोर्स: Patrika)

Shahdol News :मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे साइबर अपराध के मामले में बढ़ रहे हैं। इसके विपरीत उनपर लगाम लगाने के लिए साइबर पुलिस भी हर संभव मुस्तैदी दिखाते हुए उनपर लगाम लगाने के प्रयास कर रही है। बात करें शहडोल की तो जिले में साइबर ठगी के लगातार मामले सामने आने के बाद अब ठगी का शिकार हुए लोगों को अब से मदद के लिए जिला मुख्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि, भले ठग ऑनलाइन बैठे हों, उनपर लगाम कसने के लिए पुलिस भी हर थाने में मोर्चा संभालती जा रही है।

शहडोल पुलिस ने साइबर जालसाजों पर शिकंजा कसने के लिए जिले के अंतर्गत आने वाले 14 थानों में साइबर डेस्क की शुरूआत कर दी है। थाना बुढ़ार से शुरू हुई इस पहल का शुभारंभ एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने किया है। ऐसे में अब साइबर फ्रॉड का शिकार हुए पीड़ित को अपने नजदीकी थाने पहुंचकर तत्काल पुलिस की सहायता मिल सकेगी। इस त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम ब्लॉक कराए जाने में सहायता मिलेगी।

दूर-दराज रहने वालों की पहुंच आसान होगी, त्वरित कार्रवाई भी

थाना बुढ़ार में साइबर डेस्क का शुभारंभ करते एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल (फोटो सोर्स: Patrika)

जिले के 14 थानों में खोली गई साइबर डेस्क पर पीड़ित बैंक फ्रॉड, ओटीपी ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी समेत हर प्रकार के साइबर अपराध से जुड़ी शिकायत कर कार्रवाई करा सकेंगे। शिकायत मिलते ही शुरुआती स्तर पर जरूरी जांच और तकनीकी कार्रवाई शुरू हो सकेगी। खास बात ये है कि, इस पहल का फायदा जिले के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वालों को भी मिल सकेगा। साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में थाने के स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने से पीड़ित को तत्काल पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

पुलिस अधीक्षक की अपील

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने जिलेभर में लोगों को सावधान करते हुए अपील की है कि, अनजान कॉल, मैसेज और संदिग्ध लिंक के बहकावे में बिल्कुल भी न आएं। भले ही कोई कितना ही बड़ा ऑफर दे, धमकी दे या कोई और पैतरा आजमाएं। पोन पर ओटीपी, बैंक डिटेल या कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी थाने पहुंचकर ठगी के संबंध में सिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि, जिले के सभी थानों में साइबर डेस्क शुरु होने से साइबर अपराधों पर कार्रवाई अदिक प्रभावी रूप से हो सकेगी। सथ ही, आमजन को त्वरित पुलिस सहायता मिल सकेगी।

Updated on:
08 Sept 2026 07:45 pm
Published on:
08 Sept 2026 07:45 pm