शहडोल

घोषणाओं की चमक में गुम हुआ मिनी ब्राजील, कागजों पर संवरा विचारपुर

Despite multi crore budgets and grand promises sporting talents are forced to seek a future on a 15 year-old rocky ground

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Jun 17, 2026
Despite multi crore budgets and grand
Despite multi crore budgets and grand promises sporting talents are forced to seek a future on a 15 year

शहडोल, विचारपुर गांव, जिसे खेल जगत में मिनी ब्राजील के नाम से जाना जाता है, आज राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा का शिकार है। कागजी दावों और फाइलों में तो इस क्षेत्र को चमका कर रख दिया गया है, लेकिन धरातल पर सच इसके ठीक उलट है। यहां के नन्हे व प्रतिभावान खिलाड़ी आज भी उसी १५ साल पुराने बदहाल व पथरीले मैदान में पसीना बहाने को मजबूर हैं। खेल मैदान के जीर्णोद्धार से लेकर बाउंड्रीवॉल तक के तमाम वादे इन मासूम खिलाडिय़ों के लिए सिर्फ एक अधूरा सपना बनकर रह गए हैं।
मुख्यमंत्री की प्रोत्साहन राशि कहां गई?
खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने व उनका हौसला बढ़ाने के लिए प्रदेश के मुखिया (मुख्यमंत्री) ने ब्यौहारी आगमन पर विचारपुर के फुटबॉल खिलाडिय़ों को 10 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया था। नेताओं की तालियों के बीच हुआ यह वादा भी हवा-हवाई साबित हुआ। खिलाडिय़ों का दर्द है कि घोषणा के इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें प्रोत्साहन की एक चवन्नी तक नसीब नहीं हुई है।

5.10 करोड़ के बजट का अता-पता नहीं

विचारपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग मंत्रालय द्वारा 18 फरवरी को एक पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के तहत फुटबॉल ग्राउंड, बाउंड्रीवॉल, चेंजिंग रूम, ऑफिशियल रूम और पवेलियन निर्माण के लिए 5.10 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट स्वीगकृत हुआ था, लेकिन विडंबना देखिए कि इस बड़े बजट का धरातल पर दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं है। मैदान की सूरत बदलना तो दूर, यहां अभी तक काम की एक ईंट भी नहीं रखी गई है, जिससे खेल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बड़ी स्क्रीन का सपना टूटा, मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर सिमटा फीफा
एक तरफ जहां पूरी दुनिया करोड़ों-अरबों के आधुनिक स्टेडियमों में फीफा वल्र्ड कप का लुत्फ उठा रही है, वहीं मिनी ब्राजील कहे जाने वाले विचारपुर के इन नन्हे सितारों के पास सामूहिक रूप से मैच देखने के लिए एक अदद टीवी तक नसीब नहीं है। जयसिंहनगर विधायक ने करीब एक साल पहले खिलाडिय़ों को सामूहिक रूप से मैच देखने और सीखने के लिए एक बड़ी स्क्रीन (एलईडी) देने का वादा किया था। साल बीत गया, लेकिन विधायक का यह वादा भी अन्य दावों की तरह खोखला साबित हुआ।
वाहवाही का जरिया बना मिनी ब्राजील
विचारपुर के स्थानीय खिलाडिय़ों और खेल प्रेमियों में इस प्रशासनिक और राजनीतिक उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। युवा खिलाडिय़ों का कहना है कि जब भी कोई बड़ा नेता या अधिकारी आता है, तो विचारपुर के नाम पर खूब वाहवाही लूटी जाती है और बड़े-बड़े मंचों से घोषणाएं कर दी जाती हैं, लेकिन जैसे ही गाड़ी धूल उड़ाते हुए वापस लौटती है, वादे भी उसी धूल में मिल जाते हैं।

जनकल्याण शिविर में सुनी गई लोगों की समस्याएं

शहडोल. नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा नगर क्षेत्र के नागरिकों एवं हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका प्रांगण में जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और नगर पालिका सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
शिविर में नगर पालिका की सभी शाखाओं द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा डोली के निर्देशन तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशांत सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। नगर पालिका परिषद शहडोल के अनुसार 16 एवं 18 जून को नगर के विभिन्न वार्डों में जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका ने नागरिकों से अपने-अपने वार्ड में आयोजित शिविरों में पहुंचकर शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।