शहडोल

बस स्टैंड पर रिश्वत लेते पकड़ाया मेडिकल ऑफिसर, शहडोल में लोकायुक्त की कार्रवाई

Medical Officer Bribe Case: शहडोल जिले के जयसिंहनगर में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर रिश्वत की पहली किस्त ले चुका था, दूसरी किस्त लेते हुए लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा
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Jul 03, 2026
shahdol
medical officer mahesh chandra sharma caught taking bribe lokayukta raid, मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेशचंद्र शर्मा रिश्वत लेते पकड़ाए (source-patrika)

Shahdol Medical Officer Bribe Case: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के शहडोल जिले का है जहां मेडिकल ऑफिसर को लोकायुक्त रीवा की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।

मेडिकल ऑफिसर मांग रहा था 10 हजार रुपये रिश्वत

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहडोल जिले के जयसिंहनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी के मेडिकल ऑफिसर को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार उमरिया जिले के पटनार खुर्द निवासी वीरेंद्र सिंह ने बीते 18 मई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पत्नी पार्वती सिंह के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) आदेश को निरस्त कराने और उनकी रवानगी रोकने के एवज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेशचंद्र शर्मा 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।

5 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते रंगेहाथों पकड़ाया

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था। इसके बाद शुक्रवार को ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने जाल बिछाया और फरियादी वीरेन्द्र सिंह को रिश्वत के 5 हजार रुपये देने के लिए भेजा। रिश्वतखोर मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने रिश्वत की रकम देने के लिए फरियादी को बस स्टैंड पर बुलाया, यहां पहले से ही लोकायुक्त की टीम सादे कपड़ों में मौजूद थी। जैसे ही रिश्वतखोर मेडिकल ऑफिसर ने रिश्वत की रकम ली तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने कहा कि मामले की अभी विवेचना विस्तार से की जाएगी।

Published on:
03 Jul 2026 06:55 pm