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मंडला- प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी 24 अप्रैल को मंडला जिले के रामनगर आ रहे हैं, जहां वो आदि उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। लेकिन उससे पहले ही एक परिवार सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठेगा, और अगर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो 24 अप्रैल को जिस दिन प्रधानमंत्री रामनगर आ रहे हैं, और जिस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं वहीं आत्म हत्या करने की बात कही है। इसके लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंप दिया है।
ये है पूरा मामला
दरअसल जबलपुर से रायपुर नेशनल हाइवे का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए शासन ने अनेक किसानों की भूमि अधिग्रहित की है। लेकिन कुछ लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जिसके चलते किसान व ग्रामीण एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार बिछिया से चिल्पी तक हाइवे बनकर तैयार हो गया है लेकिन जिन ग्रामीणों की जमीन हाइवे के लिए अधिग्रहित की गई उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला है। पिछले दो साल से मुआवजा का इंतजार कर रहे ग्रामीण राजस्व विभाग की लापरवाही का खमियाजा भुगत रहे हंै।
जिसके बाद अब परेशान होकर भीमडोगरी का एक परिवार ने 23 अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दिया है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है तो पीडि़त परिवार के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के आगमन के दिन रामनगर आदि उत्सव में जाकर आत्म हत्या करने की बात कही है। इसके लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा दिया गया है।
तहसील बिछिया के भीमडोंगरी निवासी नारायण प्रसाद बंजारा ने आरोप लगाए है कि एनएच निर्माण के लिए शासन के द्वारा पटवारी हल्का नंबर 57 भूमि खसरा नं 186/14 रकबा 0.020 को अधिग्रहण किया गया। इसका मुआवजा आज दिनांक तक नहीं मिला। मुआवजा राशि जारी करने में राजस्व विभाग बिछिया के द्वारा गड़बड़ी की गई। किसी अन्य के नाम पर करीब 22 लाख मुआवजा राशि आंवटित कर दी गई। पीडि़त ने बताया है कि इसको लेकर पिछले दो साल से एसडीएम बिछिया कार्यालय में आपत्ति भी लगाई गई। यहां से सुनवाई होने के बाद जनवरी 2018 को कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन किया गया। जिसके चलते 20 अप्रैल को एसडीएम बिछिया के द्वारा दस लाख चौबीस हजार आठ सौ एक रूपए चेक देने के लिए बुलाया गया था लेकिन यहां एक लाख अट्ठाईस हजार तीन सौ एक रुपए का चेक दिया जा रहा था।
जिसका मेरे द्वारा विरोध किया गया। यहां राजस्व विभाग के लिपिक के द्वारा त्रुटि हो गई कहकर चेक वापस ले लिया गया। पीडि़त का कहना है कि भूमि अधिग्रहित होने के कारण पत्नी सहित पांच पुत्र एक पुत्री बेघर हो गए हंै। अर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। नारायण प्रसाद बंजारा का कहना है कि दो दिन के भीतर मुआवजा नहीं दिया जाता है तो पूरे परिवार सहित रामनगर में 23 अप्रैल से भूख हड़ताल में बैठकर विरोध करेगा।
पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए
बिछिया विधानसभा के विधायक पंडित ङ्क्षसह धुर्वे के मुताबिक मुआवजा अभी तक क्यों नहीं मिला है इसकी जांच कराई है। पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारी, कर्मचारी पर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।