शहडोल

महिला डीएफओ-वन विभाग पर जानलेवा हमले के 23 घंटे बाद जागी पुलिस, सिर्फ तीन नामजद, बाकी अज्ञात

MP News: शहडोल के बड़खेरा में वन विभाग की टीम पर 30-40 लोगों ने हमला कर दिया, लेकिन पुलिस ने 23 घंटे बाद एफआईआर दर्ज कर सिर्फ तीन लोगों को नामजद किया।
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Feb 13, 2026
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forest team attacked by coal mafia (फोटो- Patrika.com)

MP News: शहडोल के बड़खेरा में वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमले के 23 घंटे बाद सोहागपुर थाना पुलिस जागी है। उसकी कार्यशैली सवालों के घेरे में है। रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा की शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर तो दर्ज की, लेकिन घटना में शामिल अन्य आरोपियों को नामजद न कर बचने का मौका दे दिया। अमले पर हमला 11 फरवरी की रात करीब 8.30 बजे हुआ था।

रात 10 बजे ही पुलिस को सूचना दे दी गई थी, लेकिन सोहागपुर पुलिस को केस दर्ज करने में गुरुवार को रात के 9 बज गए। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग की डीएफओ ने 30 से 40 हमलावरों द्वारा मारपीट और अभद्रता की बात कही है। इसके बावजूद सोहागपुर पुलिस ने सिर्फ तीन स्थानीय निवासियों बेटन सिंह, चिंटू सिंह और राजू सिंह को नामजद कर फाइल समेटने की कोशिश की। बाकी हमलावरों को अज्ञात लिखा गया है।

माफिया का सेफ कॉरिडोर

सूत्रों की मानें तो सोहागपुर थाना क्षेत्र में रेत और कोयले का अवैध कारोबार सुनियोजित सिंडिकेट की तरह चल रहा है। चर्चा है कि जब भी वन, खनिज या अन्य विभाग इन माफिया के आर्थिक साम्राज्य पर चोट करने की कोशिश करता है तो उन्हें न केवल माफिया का आक्रोश झेलना पड़ता है, बल्कि पुलिसिया तंत्र की सुस्ती और लीपापोती का भी सामना करना पड़ता है।

डीएफओ ने मिलीभगत का जो आरोप लगाया, वह एफआइआर से ही सच

बता दें, डीएफओ श्रद्धा पन्द्रे ने एक दिन पहले ही साफ कहा था कि सोहागपुर पुलिस की जानकारी में अवैध कोयला निकाला जाता है। इसके बाद रातभर ट्रैक्टरों से अवैध परिवहन भी होता है। यानी, सीधे तौर पर उन्होंने सोहागपुर पुलिस पर कोयला माफिया से सांठगांठ का आरोप लगाया। अब पुलिस ने जो एफआइआर दर्ज की, इससे इस सांठगांठ की पुष्टि हो रही है। सवाल है कि एक थाना यदि मिला हुआ है तो जिले में एसपी क्या कर रहे है? (MP News)

रेंजर तान की शिकायत पर खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आगे की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है।- अरुण कुमार पांडेय, टीआई, सोहागपुर

रेंजर की शिकायत पर पुलिस ने देर रात तीन नामजद व अन्य के खिलाफ कैस दर्ज किया। यह बात समझ नहीं आई कि पुलिस माफिया को बचाने का प्रयास क्यों कर रही है।- श्रद्धा पन्द्रे, डीएफओ, दक्षिण वन मंडल शहडोल

Updated on:
13 Feb 2026 11:05 pm
Published on:
13 Feb 2026 11:05 pm