शहडोल

मध्यप्रदेश में यहां हुई बारिश, गिरे ओले, बिजली गिरने से 8 मवेशियों की मौत, देखिए वीडियो

जानिए बेमौसम बारिश से फसलों को कैसे हो सकता है नुकसान

2 min read
Feb 26, 2018
Rainfall here in Madhya Pradesh, then fall down

शहडोल- रविवार को संभाग में मौसम ने करवट बदल ली, सुबह से मौसम बदला-बदला सा नजर आ रहा था। कहीं-कहीं बारिश हुई, तो कहीं-कही दिन खत्म होते-होते ओले भी गिरे, तो कहीं आकाशीय बिजली गिरने से मवेशियों की मौत भी हो गई। दिनभर पूरे संभाग में मौसम करवटें बदलता रहा। कहीं धूप हो जाए। तो कहीं बदली छा जाए। देखा जाए तो मौसम आंख मिचौली खेलता नजर आया।

कहीं बारिश हुई, तो कहीं बिजली गिरी
संभाग में अलग-अलग जगह अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिला। कहीं बारिश हुई, तो कहीं ओले गिरे, तो कहीं बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी बस मौसम खराब रहा, तो कहीं बिजली गिरने से मवेशियों की मौत हो गई। शहडोल जिले के कई ग्रामीण एरिया में बारिश हुई। तो वहीं बुढ़ार के ख्ररला गांव में बिजली गिरने से आठ मवेशियों की मौत हो गई। रविवार को सुबह 8.30 बजे के करीब बिजली गिरी। तो कई ग्रामीण एरिया में में तो बिजली के खंभे गिर गए, तेज हवाओं की वजह से पेड़ भी गिरे।

अनुपपुर जिले के कुछ जगहों पर ओलावृष्टि
अनुपपुर जिले में मौसम आंख मिचौली खेलता नजर आया। अनुुपपुर शहर में दोपहर हुई बूंदाबांदी जो शुरू हुई वो धीरे-धीरे ही तेज बरसात मे तब्दील हो गई। इतना ही नहीं अनुपपुर जिले के वेंकटनगर में बारिश के दौरान छोटे साइज के ओले भी गिरे। जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर जैतहरी में शाम को बारिश हुई, और बारिश के दौरान ओला भी गिरा।

मंडला में भी गिरा ओला
शहडोल संभाग में ही नहीं बल्कि रविवार को मौसम प्रदेश के कई और जगहों पर भी करवट बदलता रहा। मंडला में भी मौसम पूरे दिन करवटें लेता रहा। और दिन भर छाए रहे बादलों के बाद शाम को मंडला में भी बारिश के साथ ओले गिरे।

बेमौसम बारिश से चितिंत हैं किसान
बेमौसम बारिश ने अब किसानों को चिंता में डाल दिया है। क्योंकि इस बारिश से फसलों को काफी नुकसान होगा। क्योंकि अगर मौसम इस तरह से रहा तो रवि फसलों को खासा नुकसान हो सकता है।
हवाओं से आम के बौर और महुआ के फूल झड़ गए। कृषि जानकारों का कहना है इस सीजन में किसानों की अधिकतर फसलें, मसूर, चना, गेहूं, अरहर पक चुकी हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से
फसलों को नुकसान हो सकता है। तेज हवाओं के चलते गेहूं की बड़ी हो चुकी फसलें जमीदोज हो जाएंगी। अभी केवल महुआ और आम के फूल झड़ रहे हैं, जो इनकी पैदावार को कम कर रहे हैं।

इनका कहना है
कृषि वैज्ञानिक पीएन त्रिपाठी के मुताबिक मौसम ऐसे ही बना रहा तब मसूर, चना, अरहर, सरसों, गेहूं की बढ़ चुकी फसलों, महुआ, आम फूल को नुकसान है। आंधी और ओला वृष्टि से काफी नुकसान हो सकता है। फिलहाल अभी ऐसे हालात नहीं हैं।

Published on:
26 Feb 2018 12:01 pm