जिला अस्पताल को मिलेगी ऑक्सीजन प्लांट की सौगात
शहडोल. जिला अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने पर मरीजों की हालत बिगडऩे या मौत की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से मरीजों को जल्द ही वातावरण की ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी। इसके लिए तीन सौ बिस्तर से ज्यादा वाले जिला अस्पतालों में प्लांट लगाए जाने की तैयारी की जा रही हैं। जिसमें शहडोल जिला भी शामिल है। बताया गया है कि प्लांट लगने के पहले चरण में 300 बिस्तर से ज्यादा वाले जिला अस्पतालों को लिया गया है। प्लांट से पाइप लाइन के जरिए मरीज के बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ऑक्सीजन खत्म होने का जोखिम नहीं रहेगा। साथ ही मरीज को फौरन ऑक्सीजन मिल जाएगी। अभी सिलेंडर लाकर लगाने में वक्त लगता है। यह व्यवस्था सस्ती भी पड़ेगी।
पाइप के जरिए होगी सप्लाई
प्लांट में वातावरण से गैसों को खींचने की क्षमता होती है, जिससे ऑक्सीजन व नाइट्रोजन को खींच लिया जाता है। इसके बाद नाइट्रोजन को बाहर निकाला जाता है। ऑक्सीजन को फिल्टर करने के बाद कंप्रेस्ड फार्म में एक टैंक में रखा जाता है। यहां से पाइप लाइन के जरिए अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है।
पचास लाख का होगा खर्चा
पता चला है कि ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 20 जंबो यानि बड़े सिलेंडर के बराबर ऑक्सीजन रोजाना बनाने की होगी। 300 बिस्तर से बड़े अस्पतालों में लगभग इतने ही सिलेंडर रखे जाते हैं। हालांकि इनका उपयोग 25 फीसदी भी रोजना नहीं होता। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अस्पताल में प्लांट लगाने का खर्च 50 लाख रुपए है।
सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई में है यह दिक्कत
. जिला अस्पताल में जबलपुर से ऑक्सीजन सिलेंडर लाने पड़ते हैं।
. सिलेंडर खत्म होने से मरीजों की जिंदगी का जोखिम रहता है।
. सिलेंडर में लीकेज की समस्या भी होती है।
. सिलेंडर को अस्पताल में रखने की समस्या आती है।
. कई बार सिलेंडर खुलने में दिक्कत होती है।
ऑक्सीजन सिलेण्डर की वर्तमान व्यवस्था
साइज स्टाक प्रति माह आवक
जम्बो 55 240
स्माल 65 277
पिन 188 से 10
इनका कहना है
अभी तीन सौ से ज्यादा बिस्तर वाले 2२ जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाया जाना है। जिसकी अभी प्रक्रिया चल रही है। इसमें अभी तीन से चार महीने का समय लग सकता है। जिलों के नाम लगभग तय कर लिए गए हैं।
धनराजू एसए
स्वास्थ्य संचालक व मिशन डायरेक्टर एनएचएम
जिला अस्पताल में अभी सेन्ट्रल सप्लाई से एसएनसीयू वार्ड में मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है तथा आईसीयू वार्ड में पाइप लाइन बिछाई जा रही है।
डॉ. राजेश पाण्डेय
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
यह स्वागतयोग्य निर्णय है। ऑक्सीजन प्लांट से जिला अस्पताल के मरीजों की इस संवेदनशील आवश्यकता की त्वरित आपूर्ति होगी।
डॉ. उमेश नामदेव
सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, शहडोल